सुकमा 5 मार्च। जिले में दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना बेहद लाभकारी साबित हो रही हैं। लोग अब बाजार स्थल में भी उपचार की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। जिले के तीन विकासखण्डों के चिन्हांकित 21 हाट-बाजारों में आवश्यक दवाईयों एवं उपकरणों के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका उपचार एवं दवाई का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।
सीएमएचओ डॉ. सी.पी.बंसोड़ ने बताया, “कई बार दूर-दराज के लोग बीमार रहने पर भी अस्पताल नही आते है, उसे सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते है किन्तु साप्ताहिक बाजार में लोग अपनी जरूरत के सामान की खरीदी बिक्री के लिये आते है। ऐसे में बाजार स्थल पर उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य की जांच के साथ उपचार की सुविधा भी मिल रही है इसलिए वह शिविर में ही अपना इलाज भी करवा लेते है। शिविर में आए मरीजों को गंभीर रोग होने की स्थिति में मुख्यालय अथवा अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रिफर भी किया जाता है। जिले में अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 तक 18,167 मरीजों का उपचार हाट-बाजारों में लगे क्लीनिक में किया गया है। इस दौरान कुल 669 बाजारों में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची।
ग्राम तोंगपाल के बाजार में आयोजित शिविर में आरएमए महेन्द्र जायसवाल ने बताया, “ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना प्रत्येक सप्ताह संचालित किया जा रहा है जिसके तहत चिकित्सक दल द्वारा बाजार में ही निश्चित स्थल पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों का मौसमी सर्दी-खांसी बुखार, दर्द, मलेरिया, पेचिस, दस्त, उल्टी, रक्त अल्पता, कमजोरी, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, आदि बीमारियों की जांच, उपचार व चिकित्सकीय परामर्श के साथ ही टीबी एवं कैंसर के संभावित मरीजों का स्क्रीनिंग भी की जाती है। उन्होंने बताया, वर्ष 2019-20 में कुल 1,227 मरीजों ने व जनवरी 2020 से फरवरी 2021 तक 573 मरीजों ने हाट बाजार क्लीनिक आकर अपना इलाज करवाया। शिविर में आरएमए महेंद्र जायसवाल, नेत्र सहायक अनिता मरकाम, सुपरवाइजर आर.ए. यादव, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता लक्ष्मी मण्डल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर लोगों का उपचार किया गया।
इन बाजारों में मिल रही क्लीनिक की सुविधा।
मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना से जिले के अंतिम छोर के गांव तक भी स्वास्थ्य सुविधा की पहुँच सुलभ हो गई है, जिसका लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। वर्तमान में जिले के सुकमा विकासखण्ड के सुकमा, गादीरास, केरलापाल, सोनाकुकानार और बुड़दी, छिन्दगढ़ विकासखण्ड के तोंगपाल, पाकेला, कुकानार, रोकेल, कोडरीपाल, लेदा, छिन्दगढ़, पुसपाल में तथा कोण्टा विकासखण्ड के दोरनपाल, कोण्टा, एर्राबोर, चिन्तागुफा, किस्टाराम, चिन्तलनार, जगरगुण्डा, गोलापल्ली में साप्ताहिक बाजार के दिन बाजार स्थल पर मरीजों का इलाज स्वास्थ्य शिविर लगाकर किया जा रहा हैं।