ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर रानू साहू ने संबंधित राइस मिलर्स को तत्काल नोटिस जारी की

Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ : बालोद।पहले दिन ही बालोद कलेक्टर रानू साहू एक्शन मोड में नजर आईं। उन्होंने जिन राइस मिलों पर पहले कारवाई नहीं हुई उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ग्रामीण अंचल में निरीक्षण के लिए पहुंचीं थीं। यहां ग्रामीणों ने राइस मिलों के लिए शिकायतों की झड़ी लगा दीबालोद। पहले दिन ही बालोद कलेक्टर रानू साहू एक्शन मोड में नजर आईं। उन्होंने जिन राइस मिलों पर पहले कारवाई नहीं हुई उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ग्रामीण अंचल में निरीक्षण के लिए पहुंचीं थीं। यहां ग्रामीणों ने राइस मिलों के लिए शिकायतों की झड़ी लगा दी। ग्राम उमरादाह के ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कि, ग्रामीणों ने कहा कि दरदोरा नाला में राइस मिलों का प्रदूषित पानी बहता है, इससे पानी गंदा और अनुपयोगी हो जाता है। ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित राइस मिलर्स को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश मौके पर उपस्थित एसडीएम को दिए। कलेक्टर ने प्रस्तावित नाला और गौठान के समीप चारागाह के लिए स्थल की जानकारी भी ली। उन्होंने नाला के विकास व संधारण के लिए मनरेगा के तहत कराए जाने योग्य कार्यों की चर्चा की। नाला गहरीकरण, गाद सफाई, नाला किनारे बंड निर्माण और पौधारोपण आदि के संबंध में भी कलेक्टर ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौठान का निर्माण इस प्रकार हो कि बरसात का पानी न रूके, कीचड़ न हो और गोबर एवं मूत्र का प्रबंधन उचित हो। इस अवसर पर एस.डी.एम. हरेश मण्डावी सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि, जलसंसाधन, पशु चिकित्सा विभाग और ग्रामीण जन उपस्थित थे।। ग्राम उमरादाह के ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कि, ग्रामीणों ने कहा कि दरदोरा नाला में राइस मिलों का प्रदूषित पानी बहता है, इससे पानी गंदा और अनुपयोगी हो जाता है। ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित राइस मिलर्स को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश मौके पर उपस्थित एसडीएम को दिए। कलेक्टर ने प्रस्तावित नाला और गौठान के समीप चारागाह के लिए स्थल की जानकारी भी ली। उन्होंने नाला के विकास व संधारण के लिए मनरेगा के तहत कराए जाने योग्य कार्यों की चर्चा की। नाला गहरीकरण, गाद सफाई, नाला किनारे बंड निर्माण और पौधारोपण आदि के संबंध में भी कलेक्टर ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौठान का निर्माण इस प्रकार हो कि बरसात का पानी न रूके, कीचड़ न हो और गोबर एवं मूत्र का प्रबंधन उचित हो। इस अवसर पर एस.डी.एम. हरेश मण्डावी सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि, जलसंसाधन, पशु चिकित्सा विभाग और ग्रामीण जन उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *