अंबिकापुर 01 फरवरी 2021 : आज केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा कोरोना काल के उपरांत प्रस्तुत किये गए वित्तीय बजट पर देश की गरीब व माध्यम वर्गीय आम जनता में असंतोष का भाव देखने को मिल रहा है। इसी बीच छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री टी एस सिंहदेव ने कोरोना काल के उपरांत इस पहले बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहली बार किसी केंद्र सरकार ने कोई बज़ट राज्यों में होने वाले चुनाव को केंद्रित कर बनाया है, जो बेहद निंदनीय है। बज़ट को देश के विकास पर केंद्रित होना चाहिए न कि प्रदेशों के चुनाव पर। इस बजट में चुनाव वाले राज्यों के लिए कई घोषणाएं हैं लेकिन दूसरी ओर मनरेगा में बजट काटे गये हैं, जो कि उचित नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार जितना पैसा मार्केट में देगी, लोगों के खरीदने की क्षमता उतनी ही बढ़ेगी और वह आपकी अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी का माध्यम बनेगा और यदि केंद्र सरकार जितना पैसा मार्केट से, आम आदमी की जेब से खिंचेगी तो वह अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिहाज से उल्टा होगा। इसके उपरांत स्वास्थ्य मंत्री श्री टी एस सिंहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगभग ₹98 हजार करोड़ से बढ़ा ₹2 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान स्वास्थ्य हेतु बजट में किया गया है, जोकि प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने हमें स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत कुछ बताया, सिखाया एवं सजग रहना सिखाया है, जिसे सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ ने यूनिवर्सल हेल्थ केयर कहकर इस पर काम करने की बात कही थी, तब राजनैतिक दल उसका मजाक भी उड़ाते रहे, क्या है? कौन सी चिड़िया का नाम है यूनिवर्सल हेल्थ स्किम? आज शायद कोविड ने बताया है कि हमें पब्लिक हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने की कितनी आवश्यकता है। हमने देखा कि जब कोविड आया तो अनेको निजी अस्पतालों में सब में भय हो गया था और सरकारी क्षेत्र के ही डॉक्टर उपलब्ध हुआ करते थे, ऐसे में हमारे पब्लिक हेल्थ केयर को मजबूत बनाने की आवश्यकता है, निश्चित ही बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में राशि बढ़ोतरी का फायदा पब्लिक हेल्थ सेक्टर को मिलेगा।