चित्रा पटेल : रायपुर : जिस तरह से चल रही है जीवन की घटना क्रम देखें तो उठक बैठक के पहले और उठक बैठक के बाद मिलकर खा पीकर दिया गया संदेश ऑल इज वेल नाराजगी तो हमेशा बड़ों के ही दिखती है छोटों की नाराजगी नाराजगी नहीं होती सच्चाई भी है जो खुद छोटे हैं वह बड़े का क्या बिगाड़ लेंगे और बड़े अगर नाराज हो जाए बिगड़ जाए तो बहुत कुछ भी कर सकता है आधा-आधा का की चर्चा जोरों पर है उस आधा को भी अब पूरा बताने की कोशिश की गई है पर यह शाश्वत सत्य है बिना छोटे के खुश हुए अब आने वाले समय में कोई बड़ा नहीं बन पाएगा यह सत्य है छोटे भी कहने लग गए वो साथ मिलकर खा पी के सब सही ठहरा रहे हकीकत यह है उनके अकेले खाने-पीने से ही तो नाराजगी बढ़ी है। मिल बांट कर खाने की और सुनने की परंपरा अब खत्म हो गई है जिसके हाथ में जो आया वही बटोरने में लगा है।
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