रायपुर : चित्रा पटेल : छत्तीसगढ़ रायपुर में स्थित NHMMI नारायण सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के बाद स्टेज 3 स्टमक कैंसर और पेनक्रिएटिक कैंसर के मरीज वापस लौटे सामान्य जिंदगी में।
एनएच एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल में स्टेज 3 स्टमक और पेनक्रिएटिक कैंसर का हुआ सफल इलाज
NHMMI नारायणा हॉस्पिटल में एक बार फिर से पाई कामयाबीकैंसर के संदर्भ में आधुनिक इलाज के तरीकों से कैंसर के मरीज को ठीक किया गया है।
कैंसर के डॉक्टर डॉ माउ रॉय
डॉ माउ रॉय ने बताया कि स्टमक और पेनक्रिएटिक कैंसर खतरनाक होता है इस कैंसर को जल्द से जल्द पहचाना जाए मरीज खुद इसकी लक्ष्मण को पहचाने।
डॉ माउ रॉय ने यह भी बताया कि स्टमक कैंसर और पेनक्रिएटिक कैंसर सरवाइवर्स के साथ मिलकर इस विषय पर विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए जागरूकता फैलाने का कदम उठाया जहां सर्वाइवर्ष ने अपने सफल इलाज की जानकारी देते हुए कहा शुरुआती जांच और सही इलाज सही समय पर शुरू कर देने से मरीज ठीक होते है। NHMMI नारायणा हॉस्पिटल को इस इलाज की बेहतर सफलता मिली है,
सबसे गंभीर केस माधवी का था जो एनएच एमएमआई में स्टेज 3 स्टमक कैंसर के साथ आई थी उनके सर्जरी समेत कीमोथेरेपी के 4 साइकिल्स हुए फिर अर्जेंट कीमोथेरेपी के चार साइकिल्स हुए यह केस बेहद जटिल था बीते 1 वर्षों से मरीज की स्थिति बेहतर है।
दूसरा केस सरस्वती कोसीमा का था वह भी स्टमक कैंसर के तीसरे स्टेज पर थी 14 वर्ष पहले उसके पेट की सर्जरी हुई साथ ही छह साइकिल्स कीमोथेरेपी के भी हुए अब हुए बिल्कुल सामान्य जिंदगी में हैं तीसरा के सुख खजनी का था जिसकी सर्जरी इसी वर्षा लॉकडाउन से पहले हुई बीते 9 महीने से वह पूरी तरह ठीक है।
वही रमा की भी पेनक्रियाटिकी को करीब डेढ़ साल पहले की गई थी वह भी ठीक हैं
डायरेक्टर नवीन शर्मा ने कहा कि एनएच एमएमआई नारायणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जो सुविधाएं कैंसर डिपार्टमेंट की ओर से प्रदान की जा रही है उन्हें सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं की सहायता से और भी अच्छे विकल्प प्रदान किए जा सकते हैं भविष्य में हम केंद्र व राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से भी इलाज करने की शुरुआत कर सकते हैं।
कैंसर की पहचान कैसे करें
कैंसर के लक्षणों के बारे में जागरूकता बेहद जरूरी है जी मचलना पेट में दर्द होना काले रंग का मल आना आदि फिर से संबंधित अन्य आम समस्याओं में भ्रम पैदा कर सकती है जिसे समझना होगा जिन मरीजों ने अपने इलाज और इलाज के बाद के अनुभव साझा किए हुए निश्चित रूप से इस बात का उदाहरण है कि कैंसर के मरीज भी पूरी तरह से ठीक हो कर घर लौट सकते हैं।