जिला जेल में अशासकीय सँदर्शको के नियुक्ति पर फिर मचा बवाल…. गैर कांग्रेसी को किया गया नियुक्त

Chhattisgarh

रायपुर : राज्य सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के जिला जेल उप जेल में जेल के कार्यों में सहयोग के लिए नियुक्त किए गए अशासकीय संदर्शको की नियुक्ति में एक बार फिर बवाल मच गया। सूची जारी होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई।

जोगी समर्थक पूर्व पार्षद इंद्रजीत सिंह गहलोत को एल्डरमैन बनाए जाने का भी जमकर विरोध हुआ था एल्डरमेन में कि नियुक्ति में भी गैर कांग्रेसियों को स्थान मिला था जिसका विरोध कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी के सामने भी किए थे।

सूत्रों से पता चला है कि रायपुर जिला जेल में बनाए गए संदर्शकअश्वनी राजपूत का कांग्रेस पार्टी से दूर दूर तक संबंध नहीं बताया जा रहा है। उसे सिर्फ इसलिए जिला जेल का संरक्षक बना दिया गया क्योंकि मंत्री को मामा भांजा का संबंध मानते हैं। एक सदस्य राजू दुबे जिनकी मृत्यु हो गई है ।

सूत्रों ने यह भी बताया है कि इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है, नाम ना छापने के शर्त में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 15 साल तक संघर्ष करने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के सत्ता आने के बाद भी यह दिन देखने पड़ेंगे, किसी ने सोचा नहीं था सरकार में बैठे मंत्रियों को लगता है कि 15 साल के सत्ता परिवर्तन में उनका ही योगदान है कार्यकर्ताओं ने कुछ भी नहीं किया है यही कारण है कि मंत्री और विधायक मनमानी करते हुए या तो पार्टी से नहीं जुड़े लोगों की नियुक्ति कर रहे हैं या अपने मुंह बोले भाई भतीजा मामा भांजा  या रिश्तेदारों को सत्ता में भागीदार बना रहे है जिसने पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किया है उन्हें कुछ नहीं मिल रहा जिसस  पार्टी कार्यकर्ता काफी नाराज है। एक और कार्यकर्ता ने छुपद होकर यहां तक कहा कि राज्य सरकार में मंत्रियों और विधायकों की मनमानी की शिकायत अब केंद्रीय नेतृत्व से की जाएगी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पूरी विषय वस्तु से अवगत कराया जाएगा। इसके पहले भी बाल संरक्षण आयोग में हुई नीतियों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है, बाल संरक्षण आयोग में अधिकतर सदस्य भाजपा और संघ से जुड़े हुए हैं जिन्हें जिम्मेदारी दी गई है।

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