मल्हारगढ/बुढा : गत वर्ष अत्यधिक बरसात के कारण किसानों की फसल खत्म हुई तो इस साल कम बरसात के कारण ,किसान बारिश की बाट जोहता रह गया। किसानों का हाल बेहाल हो गया है। सूखे की मार से सोयाबीन मक्का की फसल सूखने की कगार पर पहुच चुकी थी सभी फसल इस बार नाम मात्र की हुई फसलों को सूखे से बचाने के लिए किसानों ने कई वैकल्पिक साधनों से सिंचाई कर फसलों को बर्बाद होने से बचाने का प्रयास किया भी किया लेकिन पानी की कमी के चलते किसानों की फसल बर्बाद हो गयी इस बार बरसात ने भी किसानों का साथ नही दिया सारे तालाब कुए खाली है अगली फसल पैदावार होने की उम्मीद टूट गई है।जनप्रतिनिधि भी कुम्भकर्णी नींद में सोए हुवे हैं किसानों की कोई सूध नही ले रहा है ना ही कोई सर्वे हुआ।सारे जनप्रतिनिधि चुनावी माहौल में व्यस्त है 9 तारिख को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सुवासरा विधानसभा मे चुनावी रैली को संबोधित करने आरहे है सरकार को किसानों की हालात को देखते हुए तत्काल क्षेत्र को सुखाग्रस्त घोषित कर उचित सर्वे करवाना चाहिए और निम्न वर्गी किसानों को मुवावजा देना चाहिए।