मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी  क्रांति कुमार ढीढी के निधन पर शोक प्रकट किया

Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ : रायपुर, 18 जनवरी 2019 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धमतरी जिले के निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांति कुमार ढीढी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। क्रांति कुमार ढीढी का आज दोपहर 97 वर्ष की उम्र में उनके गृह ग्राम भठेली (भखारा) निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर में जारी शोक-संदेश में कहा है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में क्रांति कुमार ढीढी ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय चेतना के विकास और विस्तार में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय ढीढी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ-साथ एक कुशल अध्यापक भी थे। उन्होंने तत्कालीन धमतरी तहसील की विभिन्न प्राथमिक शालाओं में लगभग 32 वर्षों तक शिक्षक के रूप में नई पीढ़ी के भविष्य को सवारने का सराहनीय कार्य किया। स्वर्गीय ढीढी का अंतिम संस्कार आज शाम उनके गृह ग्राम भठेली (भखारा) में हुआ, जहां राज्य शासन और जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
उल्लेखनीय है कि क्रांति कुमार ढीढी का जन्म 20 सितम्बर 1922 को कुरूद क्षेत्र के ग्राम भठेली में हुआ था। स्वर्गीय ढीढी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आव्हान पर अंग्रेजी हुकूमत के विरूद्ध ‘सन् 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में पूरी सक्रियता से हिस्सा लिया था। इसकी वजह से उन्हें रायपुर में छह साल के कारावास की सजा हुई थी। स्वर्गीय श्री ढीढी ग्राम छाती, सिधौवरी कला, भैंसामुड़ा, रिसगांव, भनपुरी, भठेली, सिलघट, सिलौटी-जोरातराई, कचना, थुहा और टिपानी की शासकीय प्राथमिक शालाओं में अध्यापक और प्रधान अध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद वर्ष 1980 में सेवानिवृत्त हुए। देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने उन्हें ताम्रपत्र भेंटकर सम्मानित किया था। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रमों में धमतरी जिला प्रशासन द्वारा हर साल स्वर्गीय ढीढी को सम्मानित किया जाता रहा।

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