अरुण गुप्ता : म प्र : सीधी : भाजपा सरकार की नीति के चलते आमजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात कुछ इस कदर हो चले हैं कि आमजन अपनी मूल भूत अधिकारों व आवश्यकताओं के लिये आरजू मिन्नत करता नजर आ रहा है। जिले की जनता पर वर्तमान मे दोहरी मार पड़ रही है। एक ओर तो कोरोना का कहर जारी है वहीं भाजपा की नीति के चलते सार्वजनिक कार्य वाधित हो रहे हैं चारों ओर अन्याय अत्याचार का बोल बाला है। इन्ही समस्याओं को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा द्वारा जिलाधीश रवीन्द्र चौधरी से मुलाकात कर अवगत कराया गया साथ ही त्वरित रूप से निराकरण की मॉग की गयी है।
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हितग्राही उन्मूलक कार्य हो रहे बाधित –
मंगलवार को एनएसयूआई ने कलेक्टर चौधरी को ज्ञापन सौपतें हुए बताया कि जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राहियों को मात्र 150000/- रूपये ही दिए जाते हैं। जिसमें इस समय के रेत एवं गिट्टी के मूल्य में भवन निर्माण करा पाना मुस्किल है। प्रशासन द्वारा जो गाइड लाइन दी गई है उसमें हितग्राहियों पर निरंतर कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जो कि इस समय न्याय संगत नहीं है। एन.जी.टी. द्वारा इस समय रेत खदानों पर रोक लगा दी गई है। जिससे रेत की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
एनएसयूआई दीपक मिश्रा ने कहा कि त्वरित निराकण हेतु आवश्यक है कि रेत की अनुपलब्धता से जिले में हो रहे हितग्राही उन्मूलन कार्यो पर हितग्राहियों को रेत दोगुने से ज्यादा दाम में क्रय करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन द्वारा जप्त रेत व अवैध डम्प रेत को ग्राम पंचायत की उपयोगिता प्राप्त कर मौलिक मूल्य में उपलब्ध कराया जाय जिससे हितग्राहियों को असुविधा न हो। शासन की योजना अन्तर्गत शासकीय निर्माण कार्यों में रेत की जगह बड़े पैमान पर राखड़/भपसी का उपयोग प्रतिबन्धित किया जाये। जिले में जारी निर्माण एजेन्सी के द्वारा अन्य शासकीय कार्यों में गुणवत्ता को अनदेखी कर भपसी/राखड़ का उपयोग किया जा रहा है जिससे शासन की राशि का दुरूपयोग हो रहा है जिसे रोकने के निर्देश दिए जायें।