प्रदेश में कोरोना का विस्तार सरकार की उदासीनता,लापरवाही और असंवेदनशीलता का परिणाम-सुनील सोनी

Chhattisgarh

रायपुर– रायपुर लोकसभा के सांसद सुनील सोनी ने राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए सरकार पर उदासीनता, लापरवाही और असंवेदनशीलता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना पाॅजीटिव पाए जा रहे मरीजों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। मरीजों को चार-चार दिन बीत जाने के बाद भी अस्पतालों तक नहीं ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गरीब जनता हर मोर्चे पर संघर्ष कर रही है उनके पास सरकार के मंत्रियों की तरह घरों में पांच-सात कमरे नहीं है कि वे खुद को क्वारंटाइन कर लें। हालात ऐसे हैं कि लोग बेहद भयभीत हैं। सांसद सोनी ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि पीड़ित लोगों की सुध लें।

सांसद सुनील सोनी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार कोरोना को लेकर बड़े बड़े दावे करती रही है। 20 हजार मरीजों को रखने की तैयारी का दावा करने वाली सरकार ने बीते महीनों में कैसी व्यवस्था बनाई क्या तैयारियां की है जो आज 1200 मरीज सामने आने पर हाथ खड़े कर प्राइवेट अस्पताल का मुह ताकना पड़ रहा है और आम जनता पर निजी अस्पताल में इलाज के खर्च का बोझ डालने की स्तिथि आ गयी है। सरकार को अपनी जिम्मेदारियों से भागना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कल्पना कर के ही डर लगता है कि यदि प्रदेश में एम्स न होता तो क्या स्तिथि होती क्योंकि यदि एम्स की सेवा को हटा दें तो प्रदेश सरकार ने सात सौ मरीजों को भी नहीं रखा होगा। सांसद सुनील सोनी ने कहा कि प्रदेश सरकार की गंभीरता और संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से सहज ही लगाया जा सकता है कि प्रदेश में लोगों का सैम्पल लेने के बाद कई-कई दिनों तक रिपोर्ट नहीं दी जा रही है जिसका ताजा उदाहरण अभी बलौदाबाजार और भाटापारा में देखने मिला लोग रिपोर्ट के इंतजार में परेशान है, भय का वातावरण निर्मित हो रहा है। कोरोना के लक्षण दिखने वाले लोगों का सैम्पल लेना भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग पॉजिटिव मिल रहे है उनके संपर्क में आये लोगों को ट्रेस करना तो दूर की बात है पॉजिटिव मरीज के परिवार के सदस्यों की भी टेस्टिंग नहीं कि जा रही है। कोरोना की चेन तोड़ने की यहाँ जरूरत है और इस विस्तार को तभी रोका जा सकता है जब सही टेस्टिंग हो जिसमें यह सरकार विफल है। सरकार कर क्या रही है? ऐसी व्यवस्था से कई परिवार आज भयभीत है उन परिवारों के जानने वाले भी भय के चलते कहीं न कहीं अस्समंजस के चलते उन परिवारों से दूरी बनाने मजबूर है। स्वास्थ्य महकमे ने हाथ उठा लिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्राइवेट हाॅस्पीटल को अनुमति दी गई है, तो वहां टेस्ट की संख्या बढ़ाने की दिशा में सरकार को काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड में आई राशि से करोड़ों रूपए राज्य सरकार को दिए हैं। उस पैसे से मरीजों के इलाज की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए।

सांसद सुनील सोनी ने कहा कि आज हमारी मजबूरी है कि हम धरना-प्रदर्शन, आंदोलन नहीं कर सकते। सरकार मजबूरी का फायदा उठा रही है। सरकार जनता की सुध ले गंभीरता दिखाए। उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद से आज तक कभी इतना दुखी नहीं हुआ, पर लोगों की तकलीफ देखकर मन बेहद दुखी है।

सांसद सुनील सोनी ने राज्य में शराब दुकानों के संचालन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा, कहा कि स्थिति कहती है कि तत्काल प्रभाव से शराब दुकानों को बंद कर दिया जाए। इससे कोरोना बढ़ने की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा। उन्हीने कहा कि शराबबंदी का वादा कर सत्ता में आने वालों में क्या जरा भी लज्जा नहीं बची है। प्रदेश में कोरोना लगातार फैल रहा है। जनता लगातार सावधानी बरत रही है, सरकार के लॉकडाउन का पालन कर रही है। और प्रदेश की निर्लज सरकार सारी हदें पार कर केवल शराब कैसे अधिक से अधिक परोसी जाए इसकी योजनओं को ही धरातल पर साकार कर रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या शराब की बिक्री के बिना आपकी सरकार नहीं चल सकती? आखिर क्यों इस संकट की घड़ी में भी प्रदेश सरकार का शराब बिक्री का मोह नहीं छूट रहा है? कहीं दाल में कुछ काला तो नहीं या फिर पूरी दाल ही काली है?

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