पुराने आतंकराज की वापसी जैसा माहौल बना रही कांग्रेस : कौशिक

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रायपुर : विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने आज दिनभर चली कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों को बर्बर और राजनीतिक असभ्यता का चरम बताया है। कौशिक ने कहा कि शालीनता और शिष्टाचार के लिये जाने जाते छत्तीसगढ़ जैसे प्रदेश में कोई पार्टी सत्ता के अहंकार में इस स्तर की भाषा भंगिमा पर उतर जायेगी, इसकी कल्पना तक नही थी। ऐसा लगता है कि प्रदेश में फिर से 2000 से 2003 वाला आतंकराज वापस आ गया है। कौशिक ने कहा कि जब भी इस अंचल में कांग्रेस की सरकार रही है, इन्होंने बर्बरता से लूटा है। बात चाहे प्रदेश निर्माण के बाद तीन वर्ष के कांग्रेस शासन का हो या अभिभाजित मध्यप्रदेश के ज़माने में। यहां के संसाधनों को खसोट कर प्रदेश को भूख और पलायन का प्रतीक बना देने वाले लोग जब भाजपा शासन के पंद्रह वर्ष पर बात करते हैं, तो आश्चर्य ही लगता है। उन्होंने कहा कि डा. रमन सिंह के नेतृत्व में जिस भाजपा सरकार ने कांग्रेस के पांच हज़ार करोड़ के बजट को एक लाख करोड़ तक पहुँचाया, प्रदेश की बड़ी आबादी को जिसे कांग्रेसियों ने भूखे रहने पर विवश किया था, वैसे हर पेट तक अन्न पहुँचाया, लाखों शिक्षा कर्मियों, हज़ारों आरक्षी बलों समेत रोज़गार के लाखों अवसर निर्मित किए, किसानों के धान ख़रीदी की दुनिया में चर्चित शानदार व्यवस्था दी, जिस प्रदेश को कांग्रेस ने ऐसा कर रखा था जहां आंत्रशोध जैसी बीमारियों से निर्दोष आदिवासियों की मौतें होती रहती थी, वहां सबके लिए निःशुल्क इलाज आदि की व्यवस्था करने समेत सैकड़ों उपलब्धियाँ देने वाली भाजपा सरकार और इसके मुखिया डा. रमन सिंह पर इतने हल्के और ओछे भाषा में आरोप लगाना कांग्रेस की सड़ी हुई मानसिकता का परिचायक है। इतिहास ऐसी अभद्र पार्टी को कभी माफ़ नही करेगा।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने सवाल किया कि क्या विपक्ष के रूप में सरकार से सवाल पूछना गुनाह है? सत्ता पक्ष को उनके वादे से हटने पर आवाज़ उठाने पर एक चुने हुए जनप्रतिनिधि और पंद्रह वर्ष तक प्रदेश के मुखिया रहे राष्ट्रीय नेता को ‘शट अप’ कहना यह कैसी संस्कृति है, समझना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि लाख चिल्लाए या गाली-गलौज करें कांग्रेसी, सर पटकें अपना लेकिन भाजपा उन्हें अपना वादा याद दिलाती रहेगी, जैसे किसानों को उनके हक़ का पैसा देने पर आंशिक ही सही, विवश किया है, वैसे ही हर वादाखिलाफ़ी पर इसके नाक में दम करती रहेगी। भाजपा के नेता लोग जनसंघ के ज़माने में जब नेहरू के उत्पीड़न और इंदिरा जी के आपातकाल से नही डरे तो इनकी क्या बिसात है। कौशिक ने कहा कि अनेक झूठे वादे करके सत्ता में आने पर भ्रष्टाचार और प्रतिशोध यही भूपेश सरकार की प्राथमिकता रही है। ये अनेक झूठे और आधारहीन आरोपों पर एसआइटी गठित करते रहे और मूंह की खाते रहे। हर तरह से निराश होने पर अब केवल प्रॉपगैंडा के द्वारा ये भाजपा को बदनाम करना चाहते हैं। चरित्रहनन की ऐसी साज़िश का मूंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। कौशिक ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे लोग जब सत्ता के अहंकार में साफ़ और शालीन छवि वाले नेताओं के चरित्रहनन की कोशिश करते हैं, तो ऐसी पार्टी को वक़्त ही बेहतर जवाब देगी। पिछली बार इन्ही कर्मों से पंद्रह वर्ष जनता ने सत्ता से बाहर रखा। अब ये पच्चीस वर्ष तक कभी सत्ता का मूंह नही देख पायेंगे।

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