छत्तीसगढ़ : रायपुर भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ के संयोजक नरेशचंद्र गुप्ता ने प्रदेश के नव-नियुक्त महाधिवक्ता कनक तिवारी के उस कथन का कड़ा प्रतिवाद किया है, जो उन्होंने कांग्रेस स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में कहा। गुप्ता ने कहा कि तिवारी नया-नया पद पाकर आति-उत्साह में दुराग्रही हो गए हैं और अपने पद की गरिमा का सम्मान तक करना भूल गए हैं। कांग्रेस का तो राजनीतिक चरित्र ही यही रहा है कि वह अपने स्वार्थ के लिए संवैधानिक, प्रशासनिक और दीगर तमाम वैधानिक संस्थानों का राजनीतिकरण कर देती है लेकिन महाधिवक्ता बनने जा रहे तिवारी को तो मर्यादा का ज्ञान रखकर महाधिवक्ता कार्यालय को राजनीति के शरणागत होने से रोकना था। एक महाधिक्ता होने के नाते तिवारी से यह सहज अपेक्षा थी, लेकिन उनके पूर्वाग्रह ने न केवल वैचारिक संकीर्णता को रेखांकित किया, अपितु देश के प्रधानमंत्री के विरुद्ध बयान देकर अपने पद की गरिमा को भी उन्होंने धूमिल किया है। गुप्ता ने कहा कि एक महाधिवक्ता होकर राजनीति के शरणागत होने से बेहतर तो यही होगा कि तिवारी महाधिवक्ता का दायित्व छोड़ खुले तौर पर कांग्रेस की राजनीति करें।