राजधानी के गरीब जनता बच्चों के साथ भीख मांगने को मजबूर….मीडिया द्वारा दी गई जानकारी .. जिस पर पार्षद ने अपने आप को किया दरकिनार

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चित्रा पटेल : रायपुर : कोरोना वायरस के संक्रमण से देश प्रदेश भयभीत है इसके फैलने से देश में हजारों लोग संक्रमित होकर मौत हो चुकी है पूरे देश में 21 दिन का लॉक डाउन लागू है लोगों को सरकार ने घर में रहने घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ वासियों को इस दौरान जरूरत मनदों को घर पहुंच राशन और घर पहुंच खाना मुहैया करा रही है छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में मास्क लगाने के लिए हर जनता को घर से निकले पर अनिवार्यता लागू किया है।

जोन 8, वार्ड 2 कबीरनगर में सोंडोंगरी के रहने वाले जो डिस्पोजल प्लास्टिक उठाने वाले झुंड के साथ लोग के छोटे छोटे बच्चों के साथ कटोरा लेकर घर घर के द्वारे में राशन खाना मांगते हुए पाए गए जिनसे पूछताछ करने पर बताएं कि इन्हें किसी के द्वारा सन डोंगरी में सुखा राशन या भोजन के पैकेट नहीं दिए जा रहे हैं कभी-कभार भोजन के पैकेट दिया जाता है जिससे पेट नहीं भरता इसी कारण वह अपने और अपने बच्चों की भूख मिटाने के लिए भीख मांगने को मजबूर हैं बताएं उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें आज तक किसी ने मास्क वितरण नहीं किया है सन डोंगरी के उक्त लोग झुंड बनाकर कबीर नगर में बिना मास्क के बच्चों के साथ घूमते हुए सुबह से दिखे जिसकी जानकारी कबीर नगर वार्ड के पार्षद घनश्याम को मीडिया द्वारा दी गई जिस पर पार्षद ने अपने आप को दरकिनार कर लिया

हम बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार भूपेश बघेल ने निर्देश दिया है कि छत्तीसगढ़ वासियों के जनता कोई भूखा ना रहे इसके लिए तमाम सुविधाएं लागू की गई है लेकिन यह फायदा गरीब से गरीब जनता तक नहीं पहुंच पा रही है। बड़े दुख की बात है कि इतनी सुविधाओं के बाद राजधानी के गरीब से गरीब परिवार भूखे है और मजबूत है घर से बाहर निकलने को और बिना मास्क के घर घर भूख मिटाने के लिए लॉक डाउन का उलंघन कर भीख मांगने को मजबूर हैं।

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