राजेश झाड़ी : बीजापुर – एक ओर लाकडाउन के चलते शासन – प्रशासन एवं समाज सेवा संगठन से जुड़े हुए कुछ लोग गरीबों के लिए रोजी रोटी की चिंता करते हुए मदद के हाथ बढ़ा रहे हैं। वही दूसरी ओर प्रशासन के ही कुछ जिम्मेदार लोग अपने हाथों में लाठी डंडा लेकर उन गरीबों को बेरहमी से पीट-पीट कर कहर बरसा रहे हैं।
ऐसा ही एक ताजा मामला वन परिक्षेत्र भोपालपटनम में देखने को मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गोलागुड़ा के चार युवकों ने अपने घरेलू उपयोग के लिए बल्ली लाने जंगल गए हुए थे लेकिन वहां अचानक पहुंचे वन कर्मियों ने बिना किसी पूछताछ के ही उन चारों युवक इंला संतोष/पिता किस्तैय उम्र 20, गुग्गिल जितेंद्र/पिता-कन्हैया उम्र-30, इंला विजय/पिता-किस्तैय उम्र 37, चेतल अनिल/पिता-सत्यम उम्र 30 को भोपालपटनम डिपो में लाकर लाठी डंडों से बेदम पीटा है।

वन कर्मियों की इस मारपीट से इंला संतोष एवं गुगिल्ला जितेंद्र नामक दो युवक बुरी तरह घायल हो गए वन कर्मियों द्वारा उन युवकों के साथ किए गए इस अत्याचार के संज्ञान में आते ही क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी ने कहा की संपूर्ण घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि क्षेत्र में इस तरह के घटनाओं की पुनरावृति न हो सके। हालांकि संबंधित युवकों ने इस मामले की रिपोर्ट पुलिस थाना भोपालपटनम में की है।
इस संबंध में जब हमने बीजापुर डीएफओ से फोन से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि अपराधियों ने अपना वन अपराध स्वीकार किया है वन विभाग से राजीनामा किया.पेड़ काटने की क्षतिपूर्ति राशि जमा करने के लिए तैयार ।