ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से बृजमोहन ने उठाया धान खरीदी का मुद्दा

Chhattisgarh

रायपुर : वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने धान खरीदी में किसानों को हुई दिक्कतें तथा शासन- प्रशासन के मनमाने रवैये लेकर विधानसभा में ध्यान आकर्षण सूचना कि माध्यम से अपनी बात रखी। बृजमोहन ने कहा कि राज्य शासन की बंदिशों, वादाखिलाफी, खरीदी सीमा तय करने, तकनीकी खराबी का बहाना, सुखत के नाम पर 5-10 किलो अतिरिक्त धान लेने के चलते प्रदेश का किसान बेहद परेशान रहा। सरकार की अदूरदर्शी निर्णय व वादा खिलाफी के चलते पूरे प्रदेश में ताला बंदी, रोड जाम, प्रदर्शन के लिए किसानों को मजबूर होना पड़ा। स्थिति यह रही कि 15 फरवरी 2020 के बाद किसानों को टोकन ही नहीं दिया गया। 15 फरवरी 2020 तक दान खरीदी के टोकन को ही बिस्तर 2020 तक के लिए इस्तेमाल किया गया
सहकारी समितियों के संचालको को खुलेआम जिला कलेक्टरों ने जेल भेजने का खौफ दिखाया। एसडीएम और तहसीलदारों ने सहकारी समितियों के कर्मचारियों को घूम-घूम कर कम से कम धान खरीदने की धमकी दी। धान खरीदी के लिए शासन एवं प्रशासन द्वारा किसी तरह का लिखित आदेश न देकर मौखिक धौस दिखाई जाती रही। कई समितियों ने बाकायदा कलेक्टर को पत्र लिखकर पूछा कि उनकी मौखिक आदेश से धान खरीदी में दिक्कत आ रही है और धान का उठाव धीमा होने से किसान नाराज हो रहे हैं।
किसानों के कोठारों में, घरों में, खेतों में छापा मारकर उनको चोर व तस्कर बताकर अखबार में छपाया और उनकी मान हानि की गई। बृजमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री गण कह रहे थे कि बचे किसानों का पंजीयन फिर होगा। किसानों का एक-एक दाना धान खरीदेंगे,5 बार टोकन कटेगा,समय सीमा बढ़ाएंगे पर कुछ नही हुआ। सरकार कहती है 5 दफा किसान धान बेच सकते है पर ऑनलाइन में 3 से अधिक ऑप्शन है ही नही। मंत्री-मुख्य सचिव के मौखिक आदेश पर दबाव पूर्वक धान का रकबा कम किया गया ताकि धान कम खरीदना पड़े। किसानों के इस तरह से उत्पीड़न होने से राज्य सरकार के खिलाफ किसानों में आक्रोष बढ़ा हुआ है। इस ध्यानाकर्षण पर सरकार ने दिए अपने वक्तव्य में बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उल्लेखित बातों को खारिज कर दिया है। धान खरीदी मैं किसी तरह की कोई समस्या नहीं आने की बात वक्तव्य में कही है। हालांकि सरकार का वक्तव्य हकीकत से बिल्कुल परे है।

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