यह कैसा नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी, जहां…..पीट-पीटकर मार रहे गायों को: कौशिक

Chhattisgarh

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कोरबा जिले के ग्राम नुनेरा (पाली विखं) के कांजी हाऊस में 59 मवेशियों की मौत को बेहद गंभीर बताया है। कौशिक ने कहा कि यह घटना नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी के नाम पर अपने मुंह मियां मिठ्ठू बन रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनहीन हो चली सरकार की कार्यप्रणाली के खोखलेपन का प्रमाण है।
नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने नुनेरा ग्राम में 59 मवेशियों के मरने की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए इस घटना ने जुड़े सभी पहलुओं और जिम्मदार लोगों को जांच के दायरे में लेने पर भी जोर दिया है।  कौशिक ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी के सरकारी ढोल के शोर में मूक प्राणी अब भूख-प्यास से ही नहीं, अपितु विषाक्त भोजन और अमानवीय यातनाओं के कारण भी मौत के मुंह में जा रहे हैं। कड़कड़ाती ठंड के मौसम में एक कांजी हाऊस में क्षमता से अधिक गाय-बैलों को रखा जाना और उनके चारे-पानी का पर्याप्त इंतजाम नहीं करना जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहा है। कौशिक ने कहा कि इससे भी अधिक गंभीर बात तो यह है कि भूख-प्यास से तड़पती इन गायों को न केवल डंडों से पीटा गया, बल्कि उनकी गर्दन मरोड़ने तक की बात सामने आई है। नुनेरा पंचायत के कार्यकारी सरपंच बलभद्र सिंह तंवर ने स्वीकार किया कि इन गायों की मौत यातना और विषाक्त भोजन देने से हुई है। सरपंच तंवर ने गांव के ही अली अहमद नामक व्यक्ति को इन मवेशियों की देखरेख का काम सौंपा था।
नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि तीन दिनों में 59 मवेशियों की मौत के बाद अब जिला प्रशासन मौत के आंकड़े छिपाने की हरकतों पर उतर आया है। पोस्टमार्टम के नाम पर महज छह-सात गायों का परीक्षण कर संबंधित अधिकारी व पशु चिकित्सा विभाग के लोग मौतों की संख्या छिपा रहे हैं और किसी भी तरह की जवाबदेही से बच रहे हैं। कौशिक ने कहा कि मूक प्राणियों के प्रति जो शर्मनाक रवैया शासन-प्रशासन ने दिखाया है, वह प्रदेश की भूपेश सरकार को आईना दिखाने के लिए पर्याप्त हैं। फिजूल की राजनीतिक सुर्खियां बटोरने में मशगूल मुख्यमंत्री को पहले अपने सूबे की चिंता करनी चाहिए, जिसके लिए वे सत्ता में बैठे हैं। लेकिन प्रदेश का दुर्भाग्य है कि अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय सरकार और कांग्रेस के लोग तमाम गैर-जरूरी मुद्दों पर नौटकियां कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ को बदहाली की अंधी गली में धकेल रहे हैं। कौशिक ने सवाल किया कि यह नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी है जहां पीट-पीटकर गायों की हत्या की जा रही है।

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