छत्तीसगढ़ रायपुर आज दोपहर 2:00 बजे टिकरापारा, रायपुर स्थित गोंडवाना भवन में आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों की बैठक संपन्न हुई, जिसमें कांग्रेस पार्टी से आदिवासी समाज के 27 विधायक, अनुसूचित जाति के 7 विधायक और पिछड़े वर्ग से भी विधायक चुन कर आए हैं। इन विधायकों में आदिवासी विधायकों की संख्या सर्वाधिक है जिस कारण छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने की मांग कांग्रेस आला कमान से उठने लगी है। आज की परिस्थिति में छत्तीसगढ़ में भूमि अधिग्रहण, खनन, जल, जंगल और ज़मीन, पत्थलगड़ी, नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्याओं से सर्वाधिक आदिवासी समाज ही जूझ रहा है और इस कारण आदिवासी क्षेत्रों में विकास नहीं हो पा रहा है।
अब गौर करने वाली जरूरी बात यह है कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास ना होने के कारण वहां के लोगों को जिन दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है उसे एक आदिवासी व्यक्ति ही समझ सकता है। इसीलिए कांग्रेस पार्टी में आला कमान की ओर से अगर कोई आदिवासी विधायक मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो समूचे आदिवासी समाज के साथ साथ प्रदेश का भी चौतरफा विकास होगा और राष्ट्रीय स्तर पर भी काँग्रेस पार्टी और राहुल गांधी जी की गरिमा बढ़ेगी। इस अवसर पर आदिवासी विकास परिषद, गोंडवाना महासभा, एससी / एसटी छात्र संगठन, सतनाम समाज के संगठन के विभिन्न नेता व कार्यकर्ता शामिल थे, जिनमें बीआर ध्रुव, टी एल राज, बीएस सिदार, विष्णु देव ठाकुर, शंकर ध्रुव, योगेश ठाकुर, जनक ठाकुर, मोहित ध्रुव, जागेश्वर नेताम, योगेंद्र घृतलहरे के साथ सरगुजा के जन-पद प्रतिनिधि शामिल थे।