रायपुर : पूर्व मंत्री एवं भाजपा बृजमोहन अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नवंबर के सात दिन गुजर गए, किसानों के खातों में पैसे नहीं आ रहे। वे साहूकारों से कर्ज लेने मजबूर हैं। बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल सरकार किसानों का धान खरीदने में अक्षम व उनका शोषण करने वाली सरकार है। इस सरकार की कथनी व करनी में अंतर है जिसका बदला किसानों ने लोकसभा चुनाव में ले लिया। हमारा किसानों से आग्रह है कि नगरीय निकाय चुनाव में भी कांग्रेस को सबक सिखाएं।
फिर अभी उन्हें रबी फसल भी बोना है। 2016 में भूपेश बघेल जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे तब ट्वीट किए थे कि भाजपा सरकार धान खरीदी 15 नवंबर के बजाय 1 नवंबर से करे। उन्होंने सरकार को इस आशय का पत्र भी लिखा था। सत्ता में आते ही वे अपनी बात भूल गए। 1 नवंबर से धान खरीदी शुरु नहीं करवा पाए। अभी की स्थिति में किसान भयभीत हैं, सशंकित हैं। पहले किसानों से 5 बार धान खरीदा जाता था। तब किसान 400 क्विंटल तक धान बेच लेता था। ये सरकार अब केवल तीन बार धान ले रही है। यानी किसान 240 क्विटंल धान ही बेच पाएगा। मजबूरी में किसान औने -पौने में अपना धान बेच रहे हैं। आलम यह है कि बहुत से किसानों के पास बच्चों की पढ़ाई लिखाई व उनकी शादी तक के लिए पैसे नहीं हैं। किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण देना हमने शुरु किया था। हमारी सरकार ने किसानों को पंप भी दिया था। इस सरकार को आए साल भर होने जा रहा, एक भी पंप नहीं बांट पाई। जो किसान लंबे समय से कर्ज में डूबे हैं उनके लिए सरकार के पास कोई नीति नहीं है।
एक सवाल के जवाब ने बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बाहर का धान छत्तीसगढ़ में आकर बिकने की बात कांग्रेस जो करती रही थी, उसमें कोई दम नहीं। क्या रायपुर या भाटापारा में बाहर से आकर धान बिक सकता है। उल्टे कांग्रेस की सरकार किसानों से कह रही है कि अपने धान का रकबा कम करें। सरकार कहती रही है कि 85 लाख टन धान खरीदने जा रही है। मुझे लगता है इस लक्ष्य को कम कर 60 लाख टन खरीदना चाह रही है। हमारी मांग है कि सरकार इस वर्ष में 1 करोड़ टन धान खरीदे।