बलरामपुर और रायपुर में हुई हैदराबाद वाली दरिंदगी तो गौरेला में हुआ दिल्ली वाला निर्भया कांड : अमित जोगी

Chhattisgarh

रायपुर : दिनांक 02 दिसम्बर 2.12.2019. आज शाम जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने राजधानी रायपुर में कैंडल मार्च करके हैदराबाद की डॉक्टर प्रियंका रेड्डी के साथ-साथ ३ दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, रायपुर और गौरेला में दुष्कर्म और दरिंदिगी का शिकार हुई प्रदेश की ३ निर्दोष बेटियों को श्रद्धांजली दी, साथ ही उनके बलात्कारियों को फाँसी देने और प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की माँग करते हुए जमकर नारे भी लगाए।

कैंडल मार्च में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष अमित जोगी के साथ बलोदा बाज़ार के युवा विधायक श्री प्रमोद शर्मा, डॉक्टर ऋचा जोगी, ज़िला अध्यक्ष डॉक्टर ओमप्रकाश देवांगन, प्रभारी महासचिव  महेश देवांगन, लोक सभा प्रभारी डॉक्टर अनामिका पाल, मीडिया विभाग के अध्यक्ष  इक़बाल अहमद रिज़वी और प्रवक्ता भगवानु नायक, OSD श्री राहिल रॉऊफ़ी, युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष श्री रिंकु रंधावा और छत्तीसगढ़ स्टूडेंट्स यून्यन (सी॰एस॰यू॰) अध्यक्ष  प्रदीप साहू विशेष रूप से उपस्थित थे।

इस अवसर पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष अमित जोगी ने बताया कि 3 दिनों में 3 वीभत्स और दर्दनाक घटनाओं ने छत्तीसगढ़ को दहला के रख दिया है। पहली घटना बलरामपुर के राजपुर की है जहां महिला की आग जली लाश मिली साथ ही लाश के पास शराब की बोतलें भी पड़ी है प्रथम दृष्टया मामला सामूहिक बलात्कार के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए महिला की हत्या कर जला देने का लग रहा है| दूसरी घटना में रायपुर के माना इलाके में करीब 25 वर्षीय महिला और 4 वर्ष के बच्चे का अधजला शव मिला है। शरीर पर चोट के निशान भी हैं। स्थानी लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दुष्कर्म कर महिला और बच्चे की हत्या कर दी गई है। तीसरी घटना गौरेला थाना क्षेत्र की है जहां घर से कुछ ही दूरी पर स्थित टेकरी में गाय चरा रही 16 वर्षीय नाबालिग युवती के साथ निर्भया कांड जैसी दर्दनाक घटना हो गई दो शराबियों ने युवती के साथ ना सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि उसके गुप्तांग में लाठी से गंभीर चोट पहुंचाई बालिका की चीख-पुकार जब उसकी बुआ के कानों में पड़ी तो वह दौड़ते हुए आई और खून से लथपथ युवती की हालत देखकर उसे थाने ले कर आई फिलहाल युवती का इलाज एमसीएच अस्पताल में चल रहा है।

अमित जोगी ने कहा कि तीनों ही घटनाओं में शराब का अहम रोल है: गौरेला की घटना में दोनों बलात्कारी शराब के नशे में धुत थे तो बलरामपुर और रायपुर की में जले शवों के पास शराब की बोतलें मिली है। मतलब साफ है कि शराब के नशे में धुत होकर अपराधियों द्वारा इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है, फिर भी माताओं-बहनों की इज्जत से ज़्यादा प्यारा है भूपेश सरकार को शराब बिक्री से मिलने वाला दो नम्बर का पैसा।

ग अमित जोगी ने कहा कि जहां बलरामपुर और रायपुर में हैदराबाद वाली दरिंदगी हुई तो गौरेला में हुआ दिल्ली जैसा निर्भया कांड। पहली दो घटनाओं में पुलिस के हाथ खाली हैं जबकि तीसरी घटना में दो संदिग्धों को पुलिस ने पकड़ रखा है। छत्तीसगढ़ जैसे शांत इलाके में लगातार इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से महिलाओं और बच्चियों के अंदर डर बैठ गया है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब अपने घर के आस-पास भी सुरक्षित नहीं है। भूपेश सरकार अपराधियों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह असफल है जिसके कारण आम जनता का कानून व्यवस्था से विश्वास और बलात्कारियों का पुलिस प्रशासन से डर ख़त्म हो चुका है। ऐसी अराजकता का माहौल छत्तीसगढ़ में पहले कभी नहीं रहा।

अमित जोगी ने माँग करी कि शराबखोरी के कारण बड़ते अपराधों को रोकने के लिए भूपेश सरकार को तत्काल शराबबंदी लागू कर देनी चाहिए। साथ ही ऐसे अपराधियों को फाँसी की सजा देने के लिए राज्य सरकार को भारतीय दण्ड संहिता में तत्काल संशोधन करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *