रायपुर 16 अक्टूबर 2026। आईडीबीआई बैंक के विदेशी कंपनी को बेचने, निजी हाथों में विनिवेश के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार की औने-पौने दाम पर देश के बहुमूल्य संसाधन बेचने तथा मित्र-कल्याण नीति का एक और भयानक उदाहरण देश के सामने आ गया है। जिस IDBI बैंक का NPA 28 प्रतिशत के पार था, जिसे बचाने के लिए देश की जनता के भरोसे वाली संस्था LIC के 46,000 करोड़ रुपये झोंक दिए गए, आज जब वह बैंक 9,513 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक मुनाफा कमाने लगा है, तब मोदी सरकार ने उसकी 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स कंपनी को कौड़ियों के भाव बेच दी है। घाटा सहने के लिए देश की जनता और मुनाफा काटने के लिए विदेशी कंपनी? यह देश की संपत्ति की खुली लूट है, जिसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि इससे पहले भी मोदी सरकार ने एयर इंडिया, इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन, फेरो स्क्रैप लिमिटेड, नीलांचल स्पात निगम, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, निपको, केपीएल पोर्ट, सीपीएल, आरईसी समेत अनेकों सरकारी कंपनियों को बेचा है। आईडीबीआई बैंक को 1964 में नेहरू की सरकार ने बनाया था, कांग्रेस की सरकारों ने सीचें अब मोदी सरकार ने महज़ 81 रुपए प्रति शेयर के भाव बेच दिया। केंद्र सरकार जनता की गाढ़ी कमाई में डकैती डाल रही है। IDBI बैंक में भारतीय जीवन बीमा निगम के जनता के खून-पसीने के हजारों करोड़ रुपये लगे थे और छत्तीसगढ़ में LIC का एक बहुत बड़ा उपभोक्ता आधार है, विशेषकर मध्यम वर्ग, सरकारी कर्मचारी, और आम जनता है।
भाजपा सरकार दक्षता का झूठा दावा करती है और कहती है कि व्यापार करना सरकार का काम नहीं, हकीकत यह है कि जब बैंक डूब रहा था और NPA 28 प्रतिशत पार था, तब जनता के भरोसेमंद संस्थान LIC का हजारों करोड़ लगाकर इसे जिंदा किया गया। आज जब बैंक ने अपनी कार्यकुशलता से NPA घटाकर 2.32 प्रतिशत कर लिया और 9,513 करोड़ का भारी मुनाफा कमाया, तब इसे कनाडा की विदेशी कंपनी फेयरफैक्स को कौड़ियों के भाव बेचा जा रहा है। मुनाफा कमाने वाले एसेट को बेचना कोई वित्तीय बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि देश की संपत्ति की लूट है। सरकार का 30.48 प्रतिशत और LIC का 30.24 प्रतिशत इस तरह से सरकार अपनी कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी विदेशी हाथों में सौंपकर हर साल देश को मिलने वाले हजारों करोड़ के लाभांश का नुकसान कर रही है।w
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों ने LIC में अपने बच्चों के भविष्य और बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए पैसे लगाए हैं। LIC के पैसों से बैंक चमकाया गया और मलाई विदेशी कंपनी खाएगी? घाटा देश का, मुनाफा विदेशी कंपनी का? जब बैंक डूब रहा था तो भारत की जनता, एलआईसी ने बचाया, और जब बैंक 9,513 करोड़ का मुनाफा कमाने लगा तो मोदी सरकार ने अपने विदेशी आकाओं को बेच दिया? यह सीधी-सीधी आर्थिक डकैती है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस ने देश में बैंकों का राष्ट्रीयकरण करके गाँव-गाँव तक बैंकिंग पहुँचाई, गरीबों-किसानों के खाते खुलवाए और LIC जैसे मजबूत संस्थान बनाए। इसके विपरीत, भाजपा बनी-बनाई राष्ट्रीय संपत्तियों को देश-विदेश के अपने पूंजीपति मित्रों में रेवड़ियों की तरह बांट रही है। बैंक के निजीकरण से एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्लूएस को मिलने वाला आरक्षण खत्म होगा, युवाओं की पक्की नौकरियां छीनेंगी और आम खाताधारकों पर मनमाने सर्विस चार्ज थोपे जाएंगे। क्या मोदी सरकार का नया आर्थिक मॉडल यही, पब्लिक का पैसा लगाकर कंपनी बनाओ, और मुनाफा आते ही दोस्तों को बेच दो? मुनाफा कमाने वाली सरकारी संस्था को बेचना व्यापार नहीं, देश के संपत्ति की दलाली है।