जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इन दिनों अपने गृहक्षेत्र जशपुर के दौरे पर हैं। इस दौरान उनका एक अलग और बेहद आत्मीय अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री साय सोमवार को अपने गृहग्राम बगिया में किसान के रूप में खेत में उतरे और बैलों के साथ हल चलाकर बियासी की। मुख्यमंत्री को खेत में हल की मूठ थामे और बैलों के साथ खेती करते देख ग्रामीणों के बीच भी उत्साह नजर आया।मुख्यमंत्री साय ने खेत में खेती-किसानी की परंपरागत प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण परिवेश में किसानों के साथ समय बिताया और खुद खेत में उतरकर कृषि कार्य किया। मुख्यमंत्री ने इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए अपने गांव, अपनी माटी और अपने खेत से जुड़ाव को अपने लिए बेहद खास बताया।उन्होंने लिखा कि “अपने गांव, अपनी माटी और अपने खेत से जुड़ाव का सुख ही अलग है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि हल की मूठ थामते ही खेती-किसानी से जुड़ी पुरानी स्मृतियां एक बार फिर जीवंत हो उठीं। मिट्टी की सौंधी खुशबू और खेतों की हरियाली के बीच बिताया यह समय उन्हें असीम सुकून और नई ऊर्जा देता है।
बचपन की खेती से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक :-
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहचान केवल प्रदेश के मुखिया के रूप में नहीं, बल्कि एक किसान परिवार से आने वाले जनप्रतिनिधि के तौर पर भी रही है।

यही वजह है कि खेती और ग्रामीण जीवन से उनका जुड़ाव आज भी कायम है। खेत में उतरकर हल चलाते मुख्यमंत्री की तस्वीरों में सत्ता के औपचारिक चेहरे से अलग माटी से जुड़े एक किसान का सहज रूप दिखाई दिया।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि किसान परिवार से होने के नाते खेती उनके लिए केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है। इसी माटी ने उन्हें श्रम का सम्मान, प्रकृति के साथ सामंजस्य और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की सीख दी है।
अन्नदाताओं के प्रति जताया सम्मान :-
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, प्रदेश की समृद्ध कृषि परंपरा और मेहनतकश अन्नदाता किसान उनके हृदय के सबसे करीब हैं।
खेत में खुद हल चलाने के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल अपनी पुरानी यादों को ताजा किया, बल्कि किसान जीवन और खेती से अपने भावनात्मक रिश्ते को भी सामने रखा।बारिश के मौसम में हरे-भरे खेत, बैलों की जोड़ी और हल की मूठ थामे मुख्यमंत्री साय की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद उनके इस सहज अंदाज की चर्चा होने लगी। मुख्यमंत्री का खेत में उतरना उनके किसान अतीत और वर्तमान संवैधानिक जिम्मेदारी के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव की तस्वीर पेश करता है।
‘माटी से जुड़ाव’ का संदेश ” :-
मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश के अंत में छत्तीसगढ़ के किसानों को अपने दिल के करीब बताते हुए प्रदेश की कृषि परंपरा को नमन किया। उनके खेत में उतरने की तस्वीरें यह संदेश भी देती हैं कि प्रदेश की राजनीति के शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद भी उनकी जड़ें गांव, खेत और किसान जीवन से जुड़ी हुई हैं। बगिया के खेत में बैलों के साथ हल चलाते मुख्यमंत्री की तस्वीरें फिलहाल इसी ग्रामीण आत्मीयता और ‘माटी से जुड़े नेतृत्व’ की कहानी कह रही हैं।