कोरबा। बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। भाजपा ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल पर हमला बोलते हुए दावा किया है कि उन्होंने “अफवाह के आधार पर धरना देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की”, लेकिन आबकारी विभाग और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के स्पष्ट रुख के बाद उनका अभियान उल्टा पड़ गया।
जयसिंह की इतनी बौखलाहट क्यों:-
आखिर जयसिंह अग्रवाल की इतनी बौखलाहट क्यों सामने आ रही है? दऱअसल विधानसभा, लोकसभा और फिर नगर निगम चुनाव की बात करें तो लगातार तीन चुनाव में 50 हज़ार वोटों का बड़ा गड्ढा जय सिंह के सामने है। सबसे बड़ी बौखलाहट ये है की कोरबा शहर में हो रहे विकास कार्यों को लेकर विपक्ष पूरी तरह बैक फुट में है, जय सिंह को मालूम है की वर्तमान मंत्री लखन लाल देवांगन अपने कार्य शैली से जितने बड़े प्रोजेक्ट की नींव रख रहे हैं, वे सभी चुनाव से पहले ही पूर्ण हो जाएंगे। 2023 के चुनाव में लखन लाल देवांगन की ऐतिहासिक मतों से जीतने की सबसे बड़ी वजह उनके महापौर का कार्यकाल था, जयसिंह अग्रवाल की पत्नी रेनू अग्रवाल भी महापौर थी, लेकिन इन सब के बीच लखन के सरलता सहजता वाले तेज गति वाले महापौर कार्यकाल को लोगों ने चुना था, जिस तरीके से वर्तमान में काम चल रहे हैं उससे ग्राउंड जीरो पर लखन लाल देवांगन और भी मजबूत होते जा रहे हैं। ऐसे में आगामी चुनाव से पहले इस 50000 के बड़े मार्जिन को भाजपा और भी बढ़त बना सकती है।

कोरबा में इन दिनों राजनीति फिर से हाई वोल्टेज हो गई है, शराब दुकान की शिफ्टिंग के मामले को भुनाने में जुटे पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल एक बार फिर कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन से चकमा खा गए। हुआ ये की रामपुर शराब दुकान को शिफ्टिंग के लिए आबकारी विभाग द्वारा जगह की तलाश की जा रही थी। बरबसपुर में शराब दुकान खोले जाने का किसी तरह का निर्णय नहीं हुआ था। बरबसपुर के कांग्रेसियों ने अपनी राजनीति रोटी सेकने के लिए कुछ अवैध शराब के कोचियों के माध्यम से लोगों तक गलत अफवाह उड़ा दी। इसी गलत अफवाह के आधार पर पूर्व मंत्री अग्रवाल धरने पर जा बैठे।
धरने का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें पूर्व मंत्री आबकारी अधिकारी से फोन पर बात कर रहें हैं। जिसमें आबकारी अधिकारी को कहां जा रहा है कि मौके पर आकर डिक्लेअर करो। अधिकारी ने पूर्व मंत्री से यह कहा की दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं है। इसके बाद मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने भी कहा की बरबसपुर में शराब दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं हुआ है, वहां की महिलाए गलत जानकारी के आधार पर धरने में बैठ गए थे। बहने अगर नहीं चाहती है तो शराब दुकान नहीं खुलेगी। इस पूरे घटनाक्रम से यह तो स्पष्ट है कि शराब दुकान बरबसपुर में खोले जाने की कोई निर्णय नहीं लिया गया था। “कुल मिलाकर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल एक बार फिर राजनीति रोटी सेकने में असफल हो गए, कांग्रेसियों और अवैध शराब के कोचियों द्वारा स्थानीय महिलाओं के बीच अफवाह फैलाई गई। लेकिन ये राजनीति स्टंट दो दिन भी नहीं चल सका।” “पूर्व मंत्री की बौखलाहट अधिकारी को कहा बेवकूफ, कर्मचारी संगठनों में नाराजगी इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे अधिक नाराजगी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच हैं जिसमें पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल द्वारा आबकारी अधिकारी को बेवकूफ जैसे अमर्यादित शब्दों का उपयोग किया गया। इसका वीडियो पूरे प्रदेश में वायरल हो रहा है, शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों के बीच इसे लेकर आक्रोश व्याप्त है। यह पहली बार नहीं है, इसके पूर्व कई अधिकारी एवं कर्मचारियों से इसी तरह का रवैया जयसिंह अग्रवाल का रहा है।”
“ जयसिंह 15 साल खुद विधायक एवं मंत्री रहे, शहर में खोलते रहे रेवड़ी की तरह शराब दुकानें राजनीतिक स्टंट के मामले में लगातार बोल्ड हो रहे जय सिंह अग्रवाल 15 साल तक कोरबा के विधायक एवं मंत्री रहे, इस 15 वर्षों में शहर की विभिन्न स्थानों पर शराब की नई दुकान खोली गई। टीपी नगर स्टेडियम के पास, राताखार बाईपास, मुड़ापार बाईपास, जैसे स्थानों पर खोली गई शराब दुकानों को लेकर लोगों ने जबरदस्त आक्रोश एवं विरोध किया था, लेकिन तब पूर्व मंत्री ने चुप्पी साध ली थी।”
भाजपा का कहना है कि आबकारी विभाग ने बरबसपुर में शराब दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं लिया था। विभाग केवल वैकल्पिक स्थानों की तलाश कर रहा था। इसी बीच कथित तौर पर गलत सूचना फैलने से स्थानीय महिलाओं ने विरोध शुरू किया, जिसमें बाद में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी शामिल हो गए।वीडियो वायरल, अधिकारी ने कहा– दुकान खोलने का निर्णय नहींभाजपा के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल आबकारी अधिकारी से फोन पर मौके पर आकर घोषणा करने की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में अधिकारी कथित रूप से स्पष्ट करते हैं कि बरबसपुर में शराब दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी कहा कि यदि स्थानीय महिलाएं शराब दुकान नहीं चाहतीं तो वहां दुकान नहीं खोली जाएगी। उन्होंने दोहराया कि बरबसपुर में दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं हुआ था।अधिकारी को ‘बेवकूफ’ कहने पर विवादभाजपा ने आरोप लगाया कि धरना प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री ने आबकारी अधिकारी के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। पार्टी का दावा है कि इसका वीडियो वायरल होने के बाद शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों में नाराजगी है और इसे लेकर आक्रोश व्याप्त है।भाजपा का पलटवार– 15 साल मंत्री रहते कई शराब दुकानें खुलींभाजपा ने पूर्व मंत्री के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि जब वे 15 वर्षों तक विधायक और मंत्री रहे, तब शहर के कई इलाकों में नई शराब दुकानें खोली गईं। पार्टी का आरोप है कि उस समय हुए स्थानीय विरोध पर उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।चुनावी हार से जोड़कर भी साधा निशानाभाजपा ने दावा किया कि विधानसभा, लोकसभा और नगर निगम चुनावों में लगातार मिली हार के बाद पूर्व मंत्री राजनीतिक मुद्दों की तलाश में हैं। पार्टी का कहना है कि मंत्री लखन लाल देवांगन के कार्यकाल में शहर में कई विकास परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिससे विपक्ष असहज है।हालांकि, इन सभी आरोपों पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल या कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि उनका पक्ष आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।