लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने किया सुकमा जिले का दौरा

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रायपुर, 21 मई 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने सुकमा जिले का दौरा कर तेंदूपत्ता संग्रहण, भंडारण और परिवहन कार्यों का सघन निरीक्षण किया। तोंगपाल वनोपज जांच नाका पहुंचने पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान पत्तों की गड्डियां मानक स्तर की पाए जाने पर उन्होंने मैदानी अमले की कार्यप्रणाली की सराहना की। तेंदूपत्ता की गुणवत्ता और लाट स्टेकिंग की जांच अध्यक्ष सलाम ने दौरे के प्रारंभ में तोंगपाल स्थित संघ गोदाम का निरीक्षण किया। उन्होंने चालू वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता सीजन के तहत किए जा रहे लाट स्टेकिंग कार्य और तेंदूपत्ता बोरों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान पत्तों की गड्डियां मानक स्तर की पाए जाने पर उन्होंने मैदानी अमले की कार्यप्रणाली की सराहना की और आगे भी गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। सुकमा पहुंचने पर उप वन मंडलाधिकारी अशोक भट्ट ने जिला यूनियन सुकमा द्वारा संचालित तेंदूपत्ता संग्रहण, भंडारण और सुचारू परिवहन कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रतिवेदन के बाद अध्यक्ष ने सुकमा संघ गोदाम का मुआयना कर गोदामीकरण व्यवस्था का अवलोकन किया। संग्राहक परिवारों से सीधा संवाद और जागरूकता अध्यक्ष सलाम ने दोरनापाल सब-डिवीजन के बुर्कापाल फड़ का भी जायजा लिया, जहां वर्तमान में बोरा भर्ती का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से सीधा संवाद कर उन्हें शासन की जीवन बीमा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही संग्राहकों को बेहतर पत्तों के संग्रहण और बैंक खातों के माध्यम से सुरक्षित भुगतान प्राप्त करने के प्रति जागरूक भी किया गया। आधुनिक गोदाम निर्माण के निर्देश निरीक्षण की अगली कड़ी में उन्होंने चिंतलनार स्थित अस्थायी गोदाम का दौरा किया। वहां उन्होंने जगरगुंडा समिति से आए तेंदूपत्ता बोरों की जानकारी ली और जगदलपुर मुख्य गोदाम तक उनके परिवहन की व्यवस्था को देखा। भविष्य की आगामी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को 25 से 30 हजार बोरों की क्षमता वाले एक आधुनिक गोदाम निर्माण का प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए।समन्वय की सराहना अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने जिला यूनियन सुकमा द्वारा किए जा रहे व्यवस्थित भंडारण, गुणवत्तापूर्ण खरीदी और वैज्ञानिक उपचार कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने इसे जिला प्रशासन और लघु वनोपज संघ के बीच बेहतर समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

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