रायपुर, 27 अप्रैल 2026।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा संगठन के शिल्पकार प्रो. यशवंतराव केलकर की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर “प्रिय केलकर जी” कार्यक्रम का आयोजन पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रेक्षागृह, रायपुर में किया गया। कार्यक्रम में देश-प्रदेश के पदाधिकारियों, पूर्व व वर्तमान कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी रही।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री हरीश लूनिया ने अपने संबोधन में केलकर जी के साथ बिताए अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे केवल राष्ट्र निर्माण ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ता निर्माण के भी सशक्त शिल्पकार थे।


उन्होंने कहा कि केलकर जी की कार्यशैली ने विद्यार्थी परिषद को नई दिशा दी और वे एक चलती-फिरती पाठशाला के समान थे, जहां से संस्कारित और अनुशासित कार्यकर्ता तैयार हुए।अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प में केलकर जी की कार्यपद्धति आज भी मार्गदर्शक है। उन्होंने “विद्यार्थी आज का नागरिक है” विचार को दोहराते हुए कार्यकर्ताओं से समाज में समरसता और संगठनात्मक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।डॉ. सोलंकी ने केलकर जी के जीवन के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्हें सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि केलकर जी का जीवन समानता और अपनत्व का संदेश देता है, जो आज भी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि वर्ष 1990 से अभाविप द्वारा “यशवंतराव केलकर पुरस्कार” प्रदान किया जा रहा है, जिसके माध्यम से समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है और युवाओं को प्रेरणा मिलती है।इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री चेतस सुखड़िया, प्रांत अध्यक्ष डॉ. विकास पांडे, प्रांत मंत्री अनंत सोनी, महानगर मंत्री सुजल गुप्ता सहित कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने प्रो. यशवंतराव केलकर के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।