प्रतापगढ़ : ब्रेकिंग न्यूज़
अनुशासन और संगठन की मजबूती का पाठ पढ़ाने के लिए आयोजित भारतीय जनता पार्टी (BJP) का प्रशिक्षण वर्ग खुद ही विवादों में घिर गया, जब पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक ने बड़ा रूप ले लिया।
पृथ्वीगंज मंडल में पंडित दीन दयाल उपाध्याय की स्मृति में चल रहे दो दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक धीरज ओझा और पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि समर्थकों में गाली-गलौज और हाथापाई तक की नौबत आ गई।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल दिलीपपुर इलाके के गेस्ट हाउस में पूर्व विधायक धीरज ओझा “धुरंधर 2” फिल्म दिखाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बिना आमंत्रण पहुंचे पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा के समर्थकों ने “जिंदाबाद” के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिसका धीरज ओझा ने कड़ा विरोध किया। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
विवाद बढ़ने पर समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस के पहुंचने के बाद पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा अपने समर्थकों के साथ वापस लौट गए।
राजनीतिक गलियारों में इस टकराव को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि शिवाकांत ओझा अपने बेटे पूर्णांशु के लिए रानीगंज सीट से टिकट की पैरवी कर रहे हैं, वहीं धीरज ओझा खुद भी टिकट के दावेदार हैं।
बड़ा सवाल:-
क्या इसी तरह के आंतरिक विवाद और अनुशासनहीनता के साथ BJP 2027 के चुनावी रण में उतर पाएगी?
और जब मंच पर ही नेता संयम नहीं रख पा रहे, तो कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ कौन सिखाएगा?