रायगढ़ (छत्तीसगढ़): रायगढ़ जिले के छोटे से गांव संबल्पुरी के निवासी अजय गुप्ता ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 452 हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी यह सफलता केवल एक रैंक तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संघर्ष और सेवा भाव की कहानी भी उतनी ही प्रेरणादायक है।अजय गुप्ता एक साधारण परिवार से आते हैं। वे एक छोटे किसान के बेटे हैं और उनका बचपन एक पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र में बीता, जहां शिक्षा और संसाधनों की सीमित सुविधाएं उपलब्ध थीं।

इसके बावजूद अजय ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत करते रहे।अजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ही गांव के सरकारी स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पास के कस्बे के एक छोटे स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन और मेहनत ने उन्हें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) रायपुर तक पहुंचाया, जहां से उन्होंने वर्ष 2017 में मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद अजय के पास कॉर्पोरेट क्षेत्र में नौकरी करने के कई अवसर थे, लेकिन उन्होंने एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी ठुकराकर PRADAN (प्रोफेशनल असिस्टेंस फॉर डेवलपमेंट एक्शन) नामक गैर-सरकारी संगठन के साथ काम करने का निर्णय लिया। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर जिले के दूरस्थ आदिवासी गांवों में काम किया।बस्तर में रहते हुए अजय ने ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के साथ रहकर कृषि, सिंचाई और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया। इस दौरान उनका आदिवासी समाज से गहरा जुड़ाव बन गया और उन्होंने करीब से उनकी समस्याओं और जीवन की चुनौतियों को समझा।उनका बस्तर के लोगों से लगाव इतना गहरा था कि UPSC का परिणाम आने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने घर जाने के बजाय बस्तर जाना चुना। यह कदम उनके सेवा भाव और समाज के प्रति समर्पण को दर्शाता है।अजय गुप्ता की यह यात्रा—एक छोटे किसान के बेटे से लेकर UPSC में सफलता प्राप्त करने तक—संघर्ष, मेहनत और समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल है। उनकी सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा बन गई है।