बीजापुर में बड़ी साजिश नाकाम30 किलो का शक्तिशाली IED बरामद, कई माओवादी स्मारक ध्वस्त

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बीजापुर | 12 फरवरी 2026
जिले में सुरक्षा बलों की सतर्कता और मुस्तैदी से माओवादियों की एक बड़ी साजिश विफल कर दी गई। थाना आवापल्ली क्षेत्र में संयुक्त सुरक्षा टीम ने सड़क के नीचे प्लांट किया गया लगभग 30 किलो का शक्तिशाली IED बरामद कर सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।
सड़क के नीचे बिछा था मौत का जाल
थाना आवापल्ली, केरिपु 196 एवं 170वीं वाहिनी की संयुक्त टीम आवापल्ली–मुरदण्डा मार्ग पर डिमाइनिंग ड्यूटी पर निकली थी। इसी दौरान मुरदण्डा कैंप से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर मुख्य मार्ग के किनारे संदिग्ध गतिविधि देखी गई।
बीडी (बम डिस्पोज़ल) टीम द्वारा जांच करने पर पाया गया कि सड़क से लगभग 2 फीट नीचे और 5 फीट अंदर फॉक्सहोल बनाकर लगभग 30 किलो का IED लगाया गया था। माओवादियों ने इसे बड़े वाहनों को निशाना बनाने के उद्देश्य से स्विच सिस्टम के जरिए प्लांट किया था।
IED अधिक गहराई में होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर ही नियंत्रित विस्फोट कर उसे नष्ट किया गया। विस्फोट से सड़क में गहरा गड्ढा बन गया, जिसे भरकर आवागमन शीघ्र बहाल कर दिया गया।
गंगालूर में 5 किलो का प्रेशर IED भी बरामद
उसी दिन थाना गंगालूर क्षेत्र के FOB डोडीतुमनार इलाके में केरिपु 153 वाहिनी ने डिमाइनिंग के दौरान माओवादियों द्वारा लगाया गया 5 किलो का प्रेशर IED भी खोज निकाला और सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।
माओवादी स्मारकों पर बड़ी कार्रवाई
सुरक्षा बलों ने माओवादी संगठन के प्रतीकों पर भी निर्णायक प्रहार किया।
थाना कुटरू क्षेत्र में कोबरा 210 वाहिनी ने माड़ क्षेत्र में इन्द्रावती नदी किनारे वर्ष 2025 में मारे गए कुख्यात माओवादी कमांडर सीसीएम बसवराजू की स्मृति में बनाए गए स्मारक को ध्वस्त किया।
थाना गंगालूर क्षेत्र में केरिपु 222 वाहिनी ने तोड़का–कोरचोली और पेद्दाकोरमा के घने जंगलों में सर्चिंग व एरिया डॉमिनेशन के दौरान कई माओवादी स्मारकों को चिन्हित कर पूरी तरह तोड़ दिया।
माओवादी प्रचार तंत्र पर करारा प्रहार
सुरक्षा बलों का कहना है कि यह कार्रवाई माओवादी संगठन की हिंसक विचारधारा और मनोवैज्ञानिक प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस ऑपरेशन से स्पष्ट संदेश गया है कि बीजापुर जिले में माओवादी गतिविधियों, उनके प्रतीकों और अवैध संरचनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है।
निष्कर्ष
सुरक्षा बलों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। क्षेत्र में लगातार चल रहे सघन अभियान से माओवादी नेटवर्क पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

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