रायपुर : रायपुर को सुषमा के दो टूक पढ़कर आपके दिल को छू लेगा यह कविता।
”सुषमा के स्नेहिल सृजन”…
छंद-मदिरा सवैया
*ये भव बंधन मुक्त करो अब,*
*राम कथा सुन ध्यान करो।*
*श्री चरणों पर शीश झुकाकर,*
*नाम सुपावन भाव भरो।।*
*आरत थाल सजे शुभ पावन,*
*हे ‘सुषमा’ अब दीप धरो।।*
*दिव्य प्रकाश सजे जग सुंदर,*
*मीत! सभी मिल कष्ट हरो।।*