रायपुर : कांकेर से सुलगी अवैध धर्मांतरण मामले की आग रायपुर तक पहुंची, दरअसल कांकेर जिले के बड़ेतेवड़ा गांव में 18 दिसंबर को एक व्यक्ति के दफन को लेकर समुदायों के बीच विवाद हो गया था इस विवाद के बाद को हिंसा में पुलिस कर्मियों सहित 20 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे, 16 दिसंबर को शुरू हुआ था, गांव के सरपंच ने ईसाई रीति रिवाज के अनुसार अपने पिता के शव को अपनी निजी जमीन पर दफना दिया इसकी वजह से एक भीड़ ने प्रार्थना कक्ष में तोड़फोड़ की और सामान में आग लगा दी,
बुधवार को कथित अवैध धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ बैंड का आवाहन किया गया था इस दौरान 40 से 45 हिंदू संगठन के विचारधारा लोग रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल में 25 दिसंबर क्रिसमस की तैयारी में बनाए गए सेंटा क्लॉज के पुतले की तोड़फोड़ की, तोड़फोड़ करने वालों ने वहां पर मौजूद लोगों को जाति धर्म भी पूछा गया।


जिस तरह से कश्मीर – पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछ पूछ कर उन्हें गोली मारी थी यह घटना कल मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ के दौरान मौजूद लोगों को याद आई । घटना धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद का आवाहन दौरान राजधानी रायपुर में नकाब जनों ने मैग्नेटो मॉल में तोड़ फोड़ किया जाती धर्म पूछ पूछ कर। जहाँ क्रिसमस सेलिब्रेशन के लिए डेकोरेशन करना एक मॉल के कर्मचारियों को भारी पड़ गया ।
सीसीटीवी फुटेज आया सामने:-
बुधवार को हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रायपुर के मैग्नेटो मॉल में घुस कर जमकर तोड़फोड़ की। इतना ही नही उपद्रवियों ने मॉल ले कर्मचारियों का नाम और धर्म भी पूछा, और उनके आई कार्ड चैक कर कर के गैर हिन्दू कर्मचारियों को डराया धमकाया । ये पूरी घटना मॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
क्या था मामला :-
दरअसल छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के विरोध को लेकर कांकेर में हुई आगजनी और लाठीचार्ज के विरोध में हिंदू संगठनों ने बुधवार को पूरे छत्तीसगढ़ बैंड का ऐलान किया था साथ ही क्रिसमस सेलिब्रेशन को लेकर होटल संचालक और माल संचालकों को भी चेतावनी दी थी बुधवार को जब हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शहर बंद करने निकले इस दौरान उन्हें रायपुर के मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस की तैयारी होती देखी बस फिर क्या था तमाम कार्यकर्ता हाथों में लाठी डंडे लेकर मॉल में घुस गए पहले उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की क्रिसमस सेलिब्रेशन की तमाम तैयारियां को नेस तो नाबूत कर दिया और उसके बाद मॉल में मौजूद कर्मचारी का एक-एक कर नाम और धर्म पूछा गया इसके बाद गैर हिंदू कर्मचारियों को जमकर डराया और धमकाया भी गया इससे मॉल के कर्मचारी बेहद डरे हुए मैग्नेट मॉल की इवेंट मैनेजर आता गुप्ता ने बताया कि जिस तरह अचानक उपद्रवियों ने उनके मॉल पर हमला किया उसे तमाम कर्मचारी खासतौर पर महिला कर्मचारी बेहद डरे हुए थे इस तोड़फोड़ में मॉल को करीब 15 से 20 लख रुपए का नुकसान भी हुआ है।
मैग्नेटो मॉल के मैनेजर नम्रता पूरी घटना को विस्तार से बताया की छत्तीसगढ़ बंद का पूरा समर्थन कर रहे थे , मॉल बंद था लेकिन उसमें साफ सफाई और अगले दिन के लिए डेकोरेशन का काम चल रहा था इसी दौरान हिंदू संगठनों के लोग मॉल के अंदर घुस गए और उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की जिससे मॉल के अंदर मौजूद कर्मचारी बेहद डर गए थे। नम्रता के मुताबिक उन्होंने इस घटना की सूचना पुलिस को दि, साथ ही घटना के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपी गई है , लेकिन इसके बावजूद क्रिसमस के दिन भी उन्हें हमले का डर सता रहा है। नम्रता के मुताबिक आज तो शहर के लोग भी मॉल में मौजूद है जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी मॉल प्रशासन की ही है।
मोहित कर्मचारियों की शिकायत के बाद पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची लेकिन वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस की मौजूदगी में भी उपद्रवी नहीं रुके और लगातार मॉल में तोड़फोड़ करते रहे। हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करीब 30 से 40 लोगों को चिन्हित कर उन पर एफआईआर दर्ज की है पुलिस के मुताबिक उपद्रवियों का पता लगाकर गिरफ्तारी की जाएगी साथी इस मामले की पूरी जाँच करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
शिव सेना का बयान :-
शिव सेना के प्रदेश के उपाध्यक्ष मधुकर पांडे ने कहा कि हिंदुत्व लोग इस तरह की हरकत नहीं करते हैं,वे जिसने इस तरह की हरकत किए हैं,यह लोग हिंदुओं को बदनाम करने के लिए रोहिंग्या, और असामाजिक तत्व लोग थे जो तोड़ फोड़ किया है, लगातार अवैध धर्मांतरण मामले सामने आ रहे हैं, और रोकने की जरूरत है।
पुलिस का दावा :-
पुलिस का दावा है की कानून के मुताबिक उपद्रवियों पर कार्रवाई की जाएगी लेकिन जिस तरह से छत्तीसगढ़ में धर्म को लेकर आए दिन हिंसा हो रही है और उपद्रकाली खुले घूम रहे हैं इससे छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं।