बिलासपुर सड़क को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की टिप्पणियों पर मीडिया रिपोर्टों पर एनएचएआई का स्पष्टीकरण

Uncategorized

रायपुर : कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह उल्लेख किया गया है कि बिलासपुर की पेंड्रीडीह–नेहरू चौक सड़क की स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की टिप्पणियाँ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से संबंधित हैं। यह तथ्यात्मक रूप से ग़लत और भ्रामक है।
एनएचएआई स्पष्ट करना चाहता है कि पेंड्रीडीह–नेहरू चौक सड़क न तो उसके अधिकार क्षेत्र में आती है और न ही इसका निर्माण एनएचएआई ने किया है। इस सड़क के निर्माण, रखरखाव और मरम्मत की पूरी ज़िम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD), राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग, छत्तीसगढ़ सरकार की है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों ने माननीय न्यायालय के दिनांक 23.09.2025 के आदेश को गलत उद्धृत और प्रस्तुत किया है। यह आदेश दरअसल लोक निर्माण विभाग के सचिव द्वारा न्यायालय के पूर्व आदेश दिनांक 04.09.2025 के अनुपालन में दाखिल किए गए हलफ़नामे पर आधारित था।
माननीय न्यायालय के निर्देश विशेष रूप से रत्नपुर स्थित महामाया मंदिर के पास रत्नपुर–केंदा सड़क की दयनीय स्थिति से संबंधित हैं, जो भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। न्यायालय ने सचिव, लोक निर्माण विभाग को मरम्मत प्रगति पर व्यक्तिगत हलफ़नामा दाखिल करने और तुरंत सड़क की मरम्मत करने के निर्देश दिए थे। इस प्रकार, पेंड्रीडीह–नेहरू चौक सड़क और रत्नपुर–केंदा सड़क, दोनों की जिम्मेदारी पूर्णतः पीडब्ल्यूडी की है।
साथ ही, माननीय उच्च न्यायालय ने एनएच-130/30 के रायपुर–पेंड्रीडीह खंड पर एनएचएआई द्वारा किए गए कार्यों से संबंधित हलफ़नामे पर विचार करते हुए, दिनांक 04.09.2025 के आदेश में एनएचएआई द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों की सराहना की है।
एनएचएआई दोहराता है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जबकि उपरोक्त सड़कों की जिम्मेदारी राज्य के पीडब्ल्यूडी की है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *