चित्रा पटेल : रायपुर : रायपुर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में यही हाल है। लेकिन आज हम पुलिस के नाक के नीचे की सच्ची घटना की जिक्र क्यों न करें।
कबीर नगर में कानून व्यवस्था का ताना-बाना बुरी तरह उखड़ता जा रहा है। अपराधी अब पुलिस को चुनौती देते हुए बेखौफ होकर वारदातें अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में हुई एक घटना ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि कबीर नगर में पुलिस की उपस्थिति नाम मात्र की रह गई है।
एक मकान मालिक ने बताया कि रात के अंधेरे में चोरों ने उसके घर में घुसने की नाकाम कोशिश की। कुत्ते के भौंकने और अजीब आवाजों से सतर्क होकर उसने चोरों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन डर के मारे ऐसा नहीं कर पाया। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि अपराधी अब घरों में घुसने से भी नहीं चूक रहे हैं।
कबीर नगर के लोगों का कहना है कि पुलिस अब गश्त नहीं करती और अपराधियों को खुली छूट दे रही है। कुछ दिन पहले तो कुछ लोगों ने सरेआम सड़क पर शराब पीते हुए गाड़ी चलाई और पुलिस को चुनौती दी। यह घटना से इस बात का प्रमाण होता है कि अपराधी पुलिस से बिल्कुल नहीं डरते हैं और न ही कानून का भय है।
पत्रकार चित्रा पटेल ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने कई बार पुलिस से गश्त तेज करने का आग्रह किया था, लेकिन पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया।
यह स्पष्ट है कि कबीर नगर में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत गंभीर है। पुलिस को तुरंत जागृत होने की जरूरत है और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कबीर नगर में अपराध और बढ़ेंगे और लोगों की जान और माल सुरक्षित नहीं रह पाएगा।
कबीरनगर सहित आमानाका ,टाटीबंध , गुढियारी, उरला ,पुरानी बस्ती ,सिविल लाइन,में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत गंभीर है। अपराधी लगातार बैखौफ होते जा रहे हैं। पुलिस को इस ओर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।