रायगढ़ : रायगढ़ विधानसभा के अंतर्गत केराझर खरसियां रायगढ़ रोड किनारे शासकीय अस्पताल कई सालों से खंडहर पड़ा है । जब छत्तीसगढ़ में रमन शासनकाल थी तब यह हॉस्पिटल का निर्माण किया गया था । क्षेत्र वासियों को स्वास्थ्य की चिंता करते हुए रमन भाजपा सरकार ने अस्पताल का निर्माण किया था लेकिन अब तक इस अस्पताल को मूर्त रूप मिलने के बजाय स्थिति उजड़ा हुआ है । उसके बाद कांग्रेस की सरकार आई ,भूपेश सरकार ने अनदेखा किया। इस पर कोई ध्यान नहीं दे दिया जा रहा है।
रायगढ़ जिले में दो अघरिया मंत्री रह चुके हैं, पूर्व में उमेश पटेल मंत्री रहे और अब ओ पी चौधरी मंत्री है ।
रमन शासन में भाजपा दावा करती रही की 15 सालों में जनता की समस्याओं के साथ सरकार थी और विकास के कार्य किया उसके बाद कांग्रेस की सरकार आई और दावा किया कि हम छत्तीसगढ़ वासियों के सुख-दुख के साथ हैं। हर राजनीतिक पार्टी अपने अपने तरीके से दावा करते रहे,और इस हॉस्पिटल को राजनेतिक का शिकार होना पड़ा तथा क्षेत्र वासियों को इसका परिणाम झेलना पड़ा।
क्षेत्र वासियों का कहना है कि अगर यह अस्पताल बन जाती तो इलाज के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ता , लेकिन आखिर सब मुंह मोड़कर आगे क्यों बढ़ जाते हैं। चुनाव आती है तो नेता वोट मांगने चुनावी दावे के साथ हांथ जोड़कर खड़े रहते हैं,जब वादा पूरा करने की बात आती है तो मूड कर नहीं देखते हैं। जनता पूछ रही है कि क्या यही है नेताओं की वादा।
रायगढ़ विधानसभा के अंतर्गत केराझर खरसियां रायगढ़ रोड किनारे ( क़ेराझर और परसदाके बीच रोड किनारे) शासकीय अस्पताल कई सालों से खंडहर