सहकारी बैंकों से बोनस की राशि आहरण करने में किसानों को असुविधा न हो- केदार कश्यप

Chhattisgarh

रायपुर। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज 3 जनवरी को नवा रायपुर स्थिति अपेक्स बैंक के सभागार में प्रदेश स्तरीय विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में सचिव सहकारिता हिम शिखर गुप्ता, पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री रमेश कुमार शर्मा, विपणन संघ प्रबंध संचालक  इफ्त आरा, अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक के०एन०कान्डे के अलावा मुख्यालय एवं संभागीय मुख्यालय विभागीय अधिकारी, शक्कर कारखानों के प्रबंध संचालक, तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के सीईओ मौजूद रहे।

सहकारिता मंत्री बनने के बाद केदार कश्यप द्वारा सहकारिता विभाग की पहली बैठक ली गई। बैठक में 25 दिसम्बर को सुशासन दिवस के अवसर पर दो वर्ष का बकाया धान बोनस की राशि अब तक कुल राशि 3138 करोड़ का अंतरण किसानों के खातें में किये जाने की जानकारी दी गई। ऐसे किसान जिनको बोनस की राशि का भुगतान खाता त्रुटिपूर्ण होने के कारण नहीं हो पाया है, ऐसे किसानों की सूची समिति द्वारा नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित करते हुए खाता सुधार की कार्यवाही तहसील माड्यूल से एक माह की तय समय सीमा के अंतर्गत कराने के निर्देश दिए गए।

बोनस की राशि के आहरण में किसानों को सहकारी बैंकों से किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। बैठक में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप द्वारा बोनस की राशि देने में कोताही बरतने वाले शाखा प्रबंधक तथा अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। धान खरीदी केन्द्रों में भी टोकन काटने के एवज में किसानों से राशि की मांग की शिकायतों पर भी कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए। बोनस भुगतान में राशि मांगे जाने की शिकायत जिला बिलासपुर से प्राप्त हुई है। दोषी के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही की गई है। इसके विरुद्ध पुलिस में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिये गए। सहकारिता मंत्री ने कहा कि बैंकिंग योजना का लाभ लोगों तक शत-प्रतिशत पहुंचे। सभी किसानों को समिति के सदस्यता प्रदान करते हुए जोड़ा जाए। बैठक में चालू खरीफ एवं रबी फसलों के लिए वितरित अल्पकालीन कृषि ऋण की समीक्षा किया गया। समीक्षा में पाया गया कि 7000 करोड़ के विरुद्ध अब तक 7342 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है।

बैठक में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव द्वारा गत वर्ष की तुलना में लक्ष्य के विरूद्ध अत्यधिक ऋण वितरण पर संयुक्त पंजीयक को जांच के निर्देश दिये गये। छत्तीसगढ़ में 2058 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां है, जिसमें से 1397 समितियों में माइको एटीएम प्रदाय किये गये है। शेष 661 सहकारी समितियों में माइको एटीएम लगाये जाने के निर्देश दिये गये। नाबार्ड सहायता अंतर्गत आरआईडीएफ योजना के तहत 725 नवीन गोदाम निर्माण की स्थिति की समीक्षा किया गया, जिसमें पाया गया कि 280 गोदाम पूर्ण हो चुके है। प्रति गोदाम राशि रुपये 25.56 लाख के मान से योजना की कुल लागत 185.31 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किया जा चूका है। पैक्स कम्प्युटराइजेशन योजना के कियान्वयन की तैयारी की।

समीक्षा में पाया कि 2028 सोसाइटियों का चयन पैक्स कम्प्युटराइजेशन हेतु किया गया है। सहकारी शक्कर कारखानों में शक्कर उत्पादन, कोण्डागांव में निर्माणाधीन मक्का आधारित एथेनाल प्लाट एवं कवर्धा में ईथेनाल प्लाट की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में पैक्स के आय के स्रोत बढ़ाने, डेयरी, मत्स्य पालन, भंडारण में नए रोजगार के अवसर सृजित करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। पैक्स को कामन सर्विस सेन्टर के विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके लिए चयनित सहकारी समिति को जनऔषधी केन्द्र तथा पेट्रोल पंप संचालित करने की अभिनव योजनाओं के प्रभावी कियान्वयन का निर्देश दिया गया। सभी सहकारी समितियों को किसान समृद्धि केन्द्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये गए।

बैठक में अपर पंजीयक हितेश दोशी, अपर पंजीयक  एच०के०नागदेव, उप सचिव, सहकारिता  पी०एस०सर्पराज, संयुक्त पंजीयक उमेश तिवारी, अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक  के०एन०कान्डे, व सभी संभाग के संयुक्त पंजीयक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्यकार्यपालन अधिकारीगण, विपणन संघ के अधिकारीगण एवं सहकारी शक्कर कारखानों के प्रबंध संचालक तथा अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहें।

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