रायपुर : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आज भाजपा मुख्यालय एकात्म परिसर में की प्रेस कॉन्फ्रेंस। नियमितीकरण को लेकर सीएम को लिखे गए पत्र पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा- कांग्रेस के जन घोषणा पत्र के 36 में से 19 बिंदुओं पर क्रियान्वयन की कार्रवाई ही नहीं हुई। आखिरी 3 महीने का वक्त है, नियमितीकरण करें, नहीं तो भाजपा की सरकार आएगी तो नियमित करने की प्रक्रिया करेंगे।
सुकमा में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा पालकों को भगा दिया गया, एफआईआर दर्ज नहीं हो रहा था, मेडिकल जांच नहीं कराया जा रहा था, त्वरित कार्रवाई नहीं कि गई. अभीतक आरोपी पकड़ा नहीं गया है. ये सरकार की अनुसूचित जनजाति के प्रति सरकार के रवैये को बता रहा है. भाजपा के वरिष्ठ नेत्रियों की टीम वहां गई है।
इंदिरा प्रियदर्शनी बैंक घोटाले में प्रदेश सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई पर रमन सिंह ने कहा-19 साल पुरानी घटना पर कार्रवाई शुरू करने में भूपेश बघेल सरकार को 4 साल 9 महीने से ज्यादा का वक्त निकल गया. अब चुनाव के 3 महीने बचा है तो कार्रवाई करने चले हैं।
मुख्यमंत्री युवा भेंट मुलाकात कार्यक्रम पर रमन का निशाना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के युवा वोटर से संवाद और कैम्पेन कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा-पीएससी का एक्जाम देने में युवा डर रहे हैं. सबसे ज्यादा युवाओं के साथ ही नाइंसाफी हुई है. अब चुनाव आया तो युवा याद आ रहे हैं।
12 जनजातीय समाज को अब मिलेगा लाभ
12 जनजातीय समाज को अब उनके सभी संवैधानिक फायदा मिलेगा. ये फैसला सिर्फ आज के लिए नहीं बल्कि पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है. मैंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. भाजपा आने वाले वक्त में इस समाज से मिलकर इनके खुशियों में शामिल होंगे।
अरुण साव ने कहा-
कल का दिन ऐतिहासिक. 12 जनजातियों को लेकर कल विधेयक राज्यसभा में पास हुआ. लिपकीय त्रुटि की वजह से वे अनुसूचित जनजाति के बाहर थे. संविधान प्रदत अधिकारों से वे वंचित रहे, लेकिन पीएम मोदी ने उनकी आवाज सुनी. अब उन्हें अनुसूचित जनजाति का लाभ मिलेगा. छत्तीसगढ़ के करीब 10 लाख जनजाति लोगों को इसका फायदा मिलेगा. छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं ने लगातार इसके लिए पहल किया है. लेकिन बड़ी बात ये है कि जब इस विषय पर लोकसभा में चर्चा हो रही थी तो छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सदन से गायब है. कांग्रेस पिछड़े वर्ग और आदिवासी समाज की कभी हितैषी नहीं रही. चाहे आरक्षण का मसला हो या ये मसला हो।