संविदा कर्मियों ने भरी हुंकार ,करेंगे जेल भरो आंदोलन

Chhattisgarh

रायपुर : 15 दिन से सरकार के नियमितीकरण वे वादे को पूरा करने के लिए हड़ताल पर बैठे 45000 संविदा कर्मचारियों की सुध सरकार नहीं ले रही है। जिससे नाराज कर्मचारियों ने रायपुर जूता धरना स्थल पर सामूहिक रूप से 17 जुलाई को छत्तीसगढ़ का पहला तिहार हरेली के दिन जेल भरने के लिए हुंकार भरी। हड़ताली स्वास्थ्य कर्मचारियों पर एस्मा लगाए जाने के विरोध में इससे पहले कर्मचारी एकता का परिचय देते हुए सामूहिक त्यागपत्र भी शॉप पर अपना विरोध जता चुके हैं। संविदा कर्मचारियों में सरकार के रवैये प्रति आक्रोश दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है इस बात का अंदाजा जेल भरो आंदोलन के लिए दूरदराज जिलों से पहुंच रहे हजारों की संख्या में संविदा कर्मचारियों की संख्या से लगाया जा सकता है। एक दिन पूर्व ही बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी भागीदारी निभाने के लिए रायपुर पहुंच रहे हैं।

छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रांताध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। सरकार अपना नियमितिकरण का वादा पूरा करने, संवाद स्थापित करने की बजाय संविदा कर्मचारियों की आवाज को दमनपूर्वक दबा रही है। हम आज भी स्थायित्व और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सिन्हा का कहना है कि सरकार संवेदनशीलता पूर्वक कदम उठाना था किंतु वह दमन पर उतारू है। जिससे नाराज संविदा कर्मचारी 17 जुलाई हरेली तिहार के दिन अपन जिनगी के खुशहाली बर जेल भरो आंदोलन करेंगे ।
महासंघ के मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता सूरज सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ कर्मचारियों पर लगाया गया एस्मा कानून तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस सरकार ने अपने जन घोषणा पत्र में यह वादा किया गया था, कि समस्त संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण किया जावेगी। इसी वादे को पूरा करने हम अपील कर रहे हैं।किंतु यह दुर्भाग्य का विषय है कि पौने पांच साल बाद भी हमें सड़क पर आकर अपने अधिकार की लड़ाई लड़नी पड़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *