प्रदेश सरकार नहीं चाहती कि झीरम घाटी में शहीद परिवार को न्याय मिले – कौशिक

Chhattisgarh

रायपुर : पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि झीरम घाटी की घटना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का समय-समय पर बयान आता है, और जिस प्रकार से वह कहते हैं कि मेरे जेब में झीरम घाटी का सबूत है तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह सबूत अब तक जांच एजेंसी के सामने पेश क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि पौने पांच साल से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और आखिर प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने शहीद परिवार को न्याय क्यों नहीं दिला पाया? प्रदेश के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल कहते थे कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर झीरम घाटी में शहीद परिवार को न्याय मिलेगा। लेकिन सरकार में आने के बाद प्रदेश सरकार नहीं चाहती है कि झीरम घाटी में शहीदों के परिवार को न्याय मिले। इससे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कोई मतलब नहीं है। वह केवल राजनीति करना चाहते हैं।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री कौशिक ने कहा कि झीरम घाटी के प्रत्यक्षदर्शी एवं वर्तमान में प्रदेश सरकार के मंत्री कावासी लखमा जी का बयान अभी तक क्यों नहीं आया है इसका कारण भी प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बताना चाहिए? झीरम घाटी की जांच के लिए जस्टिस मिश्रा जांच कमेटी बनाई गई उस जांच कमेटी में मंत्री कवासी लखमा का बयान हुआ कि नहीं हुआ यह भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी की घटना के दौरान देश में यूपीए की सरकार थी और उनके द्वारा ही जांच एनआईए को ही सौंपा गया। जिस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भरोसा नहीं है। एनआईए हिंदुस्तान की सबसे बड़ी जांच समिति है, एक उच्च जांच कमेटी है उनके ऊपर तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भरोसा होना चाहिए और उनको बयान भी देना चाहिए।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री कौशिक ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हमेशा कहते रहे हैं कि झीरम घाटी का सबूत उनके जेब में है तो यह सबूत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अभी तक क्यों एनआईए सामने प्रस्तुत नहीं किया? यह रिपोर्ट जस्टिस मिश्रा कमेटी के समक्ष भी प्रस्तुत क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि झीरम घाटी के प्रत्यक्षदर्शी कवासी लखमा का बयान अभी तक दर्ज क्यों नहीं हुआ है? प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एसआईटी का गठन जांच के लिए नहीं केवल राजनीति करने के लिए किया है। झीरम घाटी की घटना पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केवल राजनीति करना चाहते हैं। तभी तो अभी तक झीरम का सबूत जेब में लेकर घूम रहे हैं। झीरम घाटी के प्रत्यक्षदर्शी का बयान अभी तक नहीं आना इस बात को ओर संकेत कर रहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल झीरम घाटी के सच सबके सामने नहीं लाना चाहते हैं।

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