रायपुर : भूपेश सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा यह बजट भरोसे का नही बल्कि जनता को छलने का भूपेश बघेल कर रही है। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि अगर इस वर्ष का बजट भरोसे का बजट था, तो क्या 4 वर्ष का बजट धोखा का बजट था ,यह भूपेश सरकार स्पष्ट करें।
नारायण चंदेल ने कहा कि जो सरकार साढ़े 4 वर्ष में कुछ नहीं कर पाई वह 6 महीने में क्या करेगी। उन्होंने भूपेश बघेल से पूछा कि पिछले वर्ष के बजट में जो प्रावधान आप ने की थी उनमें क्रियान्वयन तो छोड़िए किन-किन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ हुआ यह जनता जानना चाहती है। उन्होंने कहा यह पूर्ण रूप से ना उम्मीदगी का बजट है।
भाजपा पूर्व मंत्री व मुख्य प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कहा कि यह पूरी तरह निराधार बजट है। अनियमित, संविदा, दैनिक वेतन भोगियों के नियमितीकरण के बारे में इस बजट में कुछ नहीं कहा गया है । पिछले 4 वर्षों से 10 लाख बेरोजगारों के बेरोजगारी भत्ता की कर्जदार भूपेश सरकार की बेरोजगारी भत्ता की घोषणा छलावा मात्र है। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी विभाग को जो बजट कांग्रेस ने दिया है उनमे टेंडर की प्रक्रिया पालन करते तक आचार संहिता लग जाएगी। उन्होंने कहा मेट्रो लाइन की घोषणा करने वाली भूपेश बघेल सरकार पहले छत्तीसगढ़ के सिटी बस तो चलवा ले।
पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह विश्वास तोड़ने वाली भूपेश नहीं झूठेश सरकार का बजट है। उन्होंने कहा कि मृत्यु शैया पर लेटी सरकार पर कौन भरोसा करेगा और जिस प्रकार उन्होंने जनता से छल किया है जनता इन्हें इनका परिणाम बताएगी।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जिसमें गरीब को पक्का मकान मिलना है उसके लिए भी इस राज्य सरकार के पास बजट नहीं है। यह सरकार सिर्फ और सिर्फ छलावा कर रही है,धोखेबाजी कर रही है।
इस पूरे बजट में कृषि के लिए कुछ भी नहीं कहा गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बजट में प्रदेश के बेरोजगारों का मजाक उड़ाया है।
₹6 लाख तक की आय प्राप्त करने वाले परिवार को गरीबी रेखा के नीचे माना जाता था। परंतु बेरोजगारी भत्ता ज्यादा लोगों को ना देना पड़े इसलिए भूपेश बघेल सरकार ने ढाई लाख रुपए तक की आय वाले परिवार के बेरोजगारों युवाओं को ही बेरोजगारी भत्ता देने की बात कह रही है। यह बेरोजगारों के साथ सरासर धोखा है।