रायपुर । नोटबंदी को आज 6 साल हो गए। आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की थी। सरकार ने रातोंरात 500 और 1000 रुपये के नोटों को अवैध करार दिया था।
इसका विरोध एनएसयूआई लगातार पिछले 6 साल से करते आ रहा है । नोटबंदी के 6 साल पूरे होने के बाद आज मंगलवार को एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे और प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल निर्देशानुसार रजत ठाकुर के नेतृत्व में रायपुर जिला एनएसयूआई के पदाधिकारी और कार्यकर्ता ने राजधानी के फूल चौक से जयस्तंभ चौक तक मार्च कर अनोखा प्रदर्शन किया (भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) कार्यकर्ताओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था केंद्र सरकार की शव यात्रा निकाली। साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौके पर धरने पर बैठ गए और राम राम सत्य भाजपा पार्टी मस्त है के नारे लगाए।
एनएसयूआई छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने कहा कि यह गूंगी-बहरी सरकार ने नोटबंदी कर आजादी की सबसे बड़ी लूट की है। इसके जिम्मेदार नरेंद्र मोदी हैं। आज देश आर्थिक आपातकाल से जूझ रहा है। इस सरकार ने सिर्फ कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए हर वर्ग को बर्बाद कर दिया। पदाधिकारियों ने कहा कि इस फैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था में नकदी पर निर्भरता कम होगी और जाली नोटों पर अंकुश लगेगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
इस कार्यक्रम में उत्तर विधानसभा अध्यक्ष अनुज शुक्ला, पुनेश्वर लहरे, गावेश साहू , मनीष बांधे, केशव जोशी , रिजवान खान, आयुष , प्रेम , दीपक , भावेश, मेहूल आशीष , इत्यादि कार्यकर्ता मौजद थे ।