कांग्रेस के किसी पदाधिकारी का नक्सलियों से संबंध नहीं : सुशील

Chhattisgarh

रायपुर। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, भाजपा और पूर्व मंत्री महेश गागड़ा को सवाल करने का अधिकार नहीं है। झीरम नक्सलकांड पर पहले जवाब उन्हें देना चाहिए। उन्होंने कहा, कांग्रेस के 31 नेताओं की हत्या का दाग भाजपा सरकार पर है। भाजपा नेताओं के नक्सलियों से संबंध उजागर होते रहे हैं। उन्होंने कहा, भाजपा नेता महेश गागड़ा द्वारा झूठे और गलत आरोप लगाये गए हैं कि कांग्रेस के किसी नेता का नक्सलियों से संबंध है। जिस व्यक्ति केजी सत्यम के बारे में कांग्रेस का पदाधिकारी होने का दावा किया जा रहा वह गलत है। सत्यम वर्तमान में कांग्रेस के किसी पद पर नहीं है। दूसरा केजी सत्यम जिसकी नक्सलियाें के सहयोगी के रूप में गिरफ्तारी की बात कही जा रही है, उसे नक्सलियों ने चार दिन पहले अपहृत किया था।
उन्होंने कहा, केजी सत्यम जहां रहता है उसके गांव नल्लमपल्ली के 15 से 20 किमी तक किसी भी व्यक्ति के पास कोई चार चक्का गाड़ी नहीं है। सिर्फ सत्यम के पास बोलेरो है। किसी नक्सली को आंध्र ईलाज के लिए जाना था, उसने बंदूक की नोक पर केजी सत्यम का अपहरण किया था। इस संबंध में उसके परिजनों ने भोपालपट्नम थाने में आवेदन भी दिया है। अतः यह कहना कि वह नक्सलियों का सहयोगी था, प्रथम दृष्टया गलत है। उन्होंने कहा, नक्सलियों से सांठगांठ भाजपा नेताओं के थे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को वास्तव में नक्सलवाद पर चिंता है तो केंद्रीय गृहमंत्री से भाजपा नेताओं के नक्सलियों से संबंध की जांच कराएं। झीरम के नाम पर स्तरहीन बयानबाजी नहीं होनी चाहिए। भाजपाई बेशर्मी और संवेदनहीनता की सारी सीमाओं को पार कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार और भाजपा नेताओं की सांठगांठ के कारण झीरम में हमारे 31 से अधिक नेताओं की हत्या हुई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *