अविश्वास प्रस्ताव घ्वनि मत से ध्वस्त

Chhattisgarh

रायपुर।अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का स्लोगन लेकर चल रही है। 15 साल इनकी सरकार रही ये लोगो की मूल भावना नहीं समझ पाए। मैंने कर्जा किसानों का भला करने के लिए लिया है। इन्होंने कर्जा लिया और नवा रायपुर बनाया। जितना हम किसानों, मजदूरों और युवाओं के लिए कर रहे हैं ये सब इनके लिए रेवड़ी बांटना हो गया। दो वर्ष कोरोना के बावजूद शिक्षा, रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराये। सदन में विपक्ष द्वारा लाए गए ध्वनि मत से अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हुआ।

विपक्ष के आरोपों का जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा हम व्यक्ति को केंद्र में रखकर सारी योजनाएं बना रहे हैं। चाहे वह पोषण हो शिक्षा हो स्वास्थ्य हो। उन्होंने अपनी सरकार में एक स्कूल एक अस्पताल नहीं बनाएं जिसमे अपने बच्चों को भर्ती करा सकें। आज मलेरिया और उल्टी दस्त के मामलों मे गिरावट है। हमने हाट बाजार क्लिनिक योजना शुरू की। उन्होंने कहा, मैंने 27 विधानसभाओं में भेंट मुलाकात कर लिया है। कभी आदिवासियों ने नही कहा कि बैंक खोल दो। पहली बार मेरे दौरे पर यह मांग आई। लोगो ने कहा कि आप धान, गोबर, खेतिहर मजदूर योजना का जो पैसा दे रहे हैं, उसे निकालने में हमे दिक्कत हो रही है। आदिवासी महिलाएं आज सिंगापुर दौरे पर गए हैं। महिलाएं काजू प्रसंस्करण का कार्य कर रही हैं। लोगो को काम मिल रहा है। आत्मसम्मान भी बढ़ा है। आज आम जनता अपने मुख्यमंत्री से सीधे बात कर सकती है। हमने छत्तीसगढ़िया का आत्मबल बढ़ाया है। आप चप्पल, टिफिन, मोबाइल खरीदते थे,कमीशन खोरी यहीं से शुरू होती है। हमने लोगों को सीधे पैसे दिया है। हर घर को नल से जल देने की योजना है, हम पहले जल की व्यवस्था कर रहे हैं। नरवा प्रोजेक्ट के जरिए जल संरक्षण कर रहे हैं। ताकि सतही जल का उपयोग हो सके। आदिवासी कला ,आदिवासी संस्कृति सभी को हम सुरक्षित और संरक्षित करने का कार्य कर रहे हैं।

महाराज सहाब की चिट्ठी पर लाए अविश्वास

मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से पूछा कि आपके 15 साल के शासनकाल मे कितने चर्च बने थे। जो भी धार्मिक सद्भावना बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। आपके पास कोई मुद्दा नहीं आप हमारे महाराज साहब के चिट्ठी के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं। आपके अविश्वास प्रस्ताव पर कुछ होना नहीं है। आपके अविश्वास प्रस्ताव पर आभार व्यक्त करता हूं। जो बातें आई है, उसका हम ध्यान रखेंगे।
नक्सली अब कर रहे पलायन

विकास, विश्वास और सुरक्षा का मंत्र है। राजनांदगाँव से राझरा, अंतगढ़, नारायणपुर तक सड़के बन रही है। नक्सली अब पलायन कर रहे है। नक्सली 14 ज़िले में थे, नक्सल समस्या हमको विरासत में मिली थी।

अनियमितता पर कार्रवाई

राज्य कि 58 में से 52 कोयला खदाने एसईसीएल के पास है। अनियमितता का पता चलते ही हमने कार्रवाई किया। किसी एक पर कार्रवाई नहीं, बल्कि अनियमितता बरतने वाले सब पर कार्रवाई की है। काम करते समय त्रुटि हो सकती है, लेकिन हमारी नीयत में कोई खोट नहीं है ।

किसान खेती की ओर लौट रहे
आज किसानो के बारे में कह रहे हैं। हमने कहां हम किसानो का पूरा धान ख़रीदेंगे चाहे केंद्र से राशि मिले या न मिले केंद्र सरकार राशि दे या नहीं दे । चावल खरीदे या नहीं खरीदे हम किसानों से धान समर्थन मूल्य में खरीदेंगे। हमने जो वादा किया वह निभाया है।
विपरीत परिस्थितियों के बाद भी रकबा में वृद्धि हुई किसानों की संख्या में वृद्धि हुई। बड़े-बड़े किसान खेती छोड़ चुके थे वह खेती की ओर फिर से मुड़ गए हैं। 30 लाख हेक्टर का पंजीयन हो रहा है। हमारी कोशिश है कि यहां के किसानो और मज़दूरों के जीवन में बदलाव आए। गांव में लोग ख़ाली बैठे थे, पहले क्या स्थिति थी और आज क्या स्थिति है। रिवर्स मायग्रेशन होने लगा है और आज हमारे गाव बौद्धिक सम्पदा से भरपूर हो रहा है।

विज्ञापन में 218 करोड़ का भुगतान
राज्य सरकार ने वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक विज्ञापन के 218 करोड़ का भुगतान किया इसमें से 100 करोड़ रुपए पूर्व सरकार के विज्ञापन कि देनदारी थी । कहा गया कि गौधन न्याय योजना में विज्ञापन पर 120 करोड़ रुपये खर्च किये गये जबकि वास्तविकता यह है कि वर्ष 2020-21 में 7.44 करोड़ और वर्ष 2021-22 में 2.66 करोड़ अर्थात् दोनों वर्षों के व्यय को मिलाकर केवल कुल 10 करोड़ 10 लाख रुपए खर्च किए गए।

इतना मत फेंकों कि लोग विश्वास करना छोड़ दें

मुख्यमंत्री ने कहा, अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के पूरे भाषण का सार यह था कि विपक्ष ने जनता से किए वादों का स्मरण कराया। नेता प्रतिपक्ष खुद अपना वादा पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आपसे वादा किया था कि उनके भाषण में कटौती कर दिया जाए और सदस्यों को बोलने दिया जाए। उन्होंने कहा, आज अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा की शुरुआत वरिष्ठ सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने की मैं उम्मीद कर रहा था कि वे ठोस बाते कहेंगे, पर आज वे फेंक रहे थे। आप इतना मत फेंके कि लोग विश्वास करना छोड़ दें।

भ्रष्ट्राचार रोकने की दिशा में काम कर रहे

मुख्यमंत्री ने पटवारी राज पर भी कसा तंज कहा, आज पटवारी असिस्टेंट रख रहे हैं। ये पहले कभी नही होता था। ये आपकी सरकार में शुरू हुआ। ये एक दिन में ठीक नही होगा, इसे ठीक करेंगे। जनता का हजारों करोड़ गया हमने तो कार्रवाई की है। 500 से अधिक डिप्टी कलेक्टर हैं, जिनकी जांच की हम भष्टाचार रोकने की दिशा में काम करते है।

चिंटफंड की ईडी से जांच कराने लिखी चिट्ठी

चिटफंड घोटाले के सैकड़ो डायरेक्टर जेल के अंदर है। हमने चिटफंड मामलों में कार्रवाई की है। उनकी संपत्ति नीलाम कर प्रभावितों को रकम भी वापस की है। हमने ईडी को पत्र लिखा है कि वे यह बताए कि नान घोटाले में सीएम मैडम कौन है और कौन सीएम सर है। ईडी दुर्भावना से काम न करें। पिछली सरकार में मनी लॉन्ड्रिंग हुआ है तो सेंट्रल एजेंसी जांच क्यों नहीं करती हमने गृह मंत्री वित्त मंत्री को पत्र लिखा है जांच होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के गरीब जनता का पैसा जमा है, उसे लूटा गया है उसकी जांच होनी चाहिए। नान घोटाले में नाम है कौन सीएमसी है कौन सीएम मैडम है ईडी क्यों नहीं पूछती। लेकिन सेंट्रल एजेंसी करती क्या है। सब साजिश के तहत होता है एक उद्देश्य लेकर एक आदमी को घेरने के लिए पूछताछ करती है। सामने वाले का नाम ले दो हम छोड़ देंगे इस तरीके के ऑफर देती है।

बदले की भावना से काम नहीं किया

मेरे दादा के पास 1000 एकड़ जमीन है मेरे परिवार में भिलाई स्टील प्लांट को जमीन दिया। जिस अधिकारी ने मेरे खेत को छुट्टी के दिन भरी बरसात में नपवाया था वही आज मेरा सचिव है। आप असहमति का सम्मान करिए। मैने कभी बदले कि भावना से काम नही किया।

रमन सरकार ने अधोसंरचना विकसित किया
मुख्यमंत्री के भाषण के बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, अजित जोगी की सरकार तीन साल प्रदेश में सत्ता में रही। जब उन्होंने सरकार छोड़ा तब 8 हजार करोड़ का कर्ज छोड़ा था। डॉ. रमन की सरकार को 8000 करोड़ का कर्ज विरासत में मिला था। 15 साल में रमन की सरकार ने लगभग 35000 करोड रुपए का कर्ज लिया। 35000 करोड़ के कर्ज से राज्य में लाखों किलोमीटर सड़क का निर्माण, मेडिकल कॉलेज निर्माण, विद्युत सब स्टेशन का निर्माण,सहित अधोसंरचना के काम किये। इनकी सरकार ने क्या किया।

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