रायपुर।छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा दे दिया है। बताया जाता है कि मनरेगा कर्मियों हड़ताल के दौरान 21 एपीओ की बर्खास्तगी को लेकर वे अड़े हुए थे। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने पंचायत विभाग से अपने को अलग कर लिया है।

कुछ समय पहले मनरेगा कर्मियों ने नियमितिकरण की मांग को लेकर हड़ताल कर दिया था। हड़ताल के कारण तीन माह तक काम बंद रहा, इसके कारण 12 सौ करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ था। पंचायत विभाग ने इस मामले में 21 संविदा सहायक परियोजना अधिकारियों को बर्खास्त कर नियमित लोगों को कार्यभार दे दिया था। विरोध में 12 हजार से अधिक मनरेगा कर्मियों ने इस्तीफा दे दिया था। हड़ताली कर्मियों से उद्योग और आबकारी मंत्री कवासी लखमा तिलने से पहुंचे थे तो उनसे 21 बर्खास्त कर्मियों की बर्खास्तगी के आदेश को वापस लेने पर हड़ताल खत्म करने की घोषणा की थी। हड़ताल खत्म होने के बाद हाल ही में 21 एपीओ को बहाल कर दिया गया। पंचायत मंत्री इसके खिलाफ थे। वहीं पेसा एक्ट को लेकर मुख्यमंत्री से असहमति को भी उनके इस्तीफे से जोड़कर देखा जा रहा है।