रायपुर/ वन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने विरासत में स्वस्थ्य और स्वच्छ वातावरण सौंपा है। हम सब का दायित्व है कि उसे और बेहतर बनाते हुए भावी पीढ़ी को सौंपें। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्राकृतिक संपदाओं का आवश्यकतानुसार और विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष बल दिया।
पर्यावरण मंत्री अकबर ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘पृथ्वी अनमोल है प्रकृति संग संतुलन बनायें‘ विषय पर आधारित संगोष्ठी में कहा कि प्रकृति और जीवन के बीच गहरा संबंध होता है। इसके संरक्षण तथा संवर्धन में ही जीवन की सुरक्षा और हमारे भविष्य की खुशहाली निर्भर है। वर्तमान में पर्यावरण का संरक्षण व प्रदूषण पर रोकथाम अत्यंत आवश्यक है और इसमें हम सबकी भागीदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम प्रकृति के साथ तालमेल बनाए रखकर ही चिरस्थायी विकास कर सकते है। राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने मेरे गांव में पानी की समस्या को लेकर कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो रहा है उसके बाद इसका समाधान हो जाएगा।
हसदेव अरण्य के जंगलों के मामले में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश पर कार्रवाई की जा रहीं हैं। पुराने तालाबों के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार इन्हें पुनर्जीवित करने का आदेश दिया है। पुराने तालाबों को लेकर भी काफी से कहा गया है कि यहां हुए निर्माण कार्यों को हटाने की कार्रवाई की जाए।
गुणवत्ता मापन हेतु मॉनिटरिंग
छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर रायपुर, दुर्ग-भिलाई, कोरबा एवं रायगढ़ में सतत् परिवेशीय वायु गुणवत्ता मापन हेतु मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। साथ ही राज्य के 5 प्रमुख नदियों महानदी, शिवनाथ, खारून, हसदेव एवं केलो नदी के जल गुणवत्ता के सतत् मापन हेतु मॉनिटरिंग स्टेशन के स्थापना का कार्य किया जा रहा है।