हसदेव अरण्य क्षेत्र में पेड़ों की कटाई पर कहा-जंगलों को बचाने बनी हैं नीतियां

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रायपुर। हसदेव अरण्य के जंगलों में परसा कोयला खदान की मंजूरी को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, देश को बिजली चाहिए तो कोयले की जरूरत तो पड़ेगी। बस इसमें नियमों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। परसा कोयला खदान के लिए बिना अनुमति पेड़ों की कटाई से जुड़े एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, जहां पहाड़ और जंगल हैं वहीं कोयला है। जंगलों को बचाने के लिए नीतियां बनी हैं। वन विभाग उसे देखता है। उसके लिए वन अधिनियम है, पर्यावरण कानून है। उन नियमों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। वहां प्रभावित लोगों को मुआवजा बराबर मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुकमा जिले के कोंटा रवाना होने से पहले पुलिस लाइन हेलिपैड पर पत्रकारों से चर्चा में कहा, देश को कोयले की जरूरत तो है। आज कोयले के लिए पैसेंजर ट्रेन को रोकना पड़ा है। इतिहास में कभी देश में ऐसा नहीं सुना गया था। आज भारत सरकार खुद रेल रोक रही है। अभी रेल मंत्री आए थे। कोयला मंत्री लगातार देख रहे हैं। देश को ऊर्जा अथवा बिजली चाहिए ताे कोयले की जरूरत तो पड़ेगी। काेयला वहीं से मिलेगा जहां कोयले की खदान है, लेकिन इसके लिए जो नियम है उसका पालन होना चाहिए। उसमें कोताही नहीं होनी चाहिए। देश में हो रही हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति पर भी सीएम भूपेश ने कहा, देश में बिना जाति के लोग रहते हैं। सब लोगों का यह देश है। भाईचारा प्रेम का संदेश देना चाहिए है ना कि डर और भय का। आज सबसे ज्यादा जरूरी भारत माता की हम सेवा करें। यहां जितने लोग निवास करते हैं वही तो भारत माता है। आज देश को जरूरत दरिद्र नारायण की सेवा करने की है।
अगर दिवालिया होगा ताे देश, राज्य नहीं
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, उन्होंने तो बोल दिया कि छत्तीसगढ़ की स्थिति श्रीलंका जैसी हो जाएगी। भारत सरकार की तुलना में तो छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था बहुत बढ़िया है। केंद्र सरकार हमारा सहयोग नहीं कर रही है उसके बाद भी बढ़िया है। अगर दिवालिया होगा तो देश दिवालिया होगा, जैसे श्रीलंका हुआ। श्रीलंका का कोई राज्य दिवालिया नहीं हुआ, पूरा देश दिवालिया हुआ। उस दिशा में जाने से बचना है तो दरिद्र नारायण की सेवा करनी पड़ेगी।
पेसा एक्ट अगली कैबिनेट में पारित हो जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा ने शुरू से ही आदिवासियों को दबाया है। उनका हक छीना है। उनकी नीतियों की वजह से हजारों परिवारों को बस्तर से पलायन करना पड़ा था। कांग्रेस हमेशा से आदिवासियों के साथ रही है। उनके हित की रक्षा करती रही है। वह फॉरेस्ट राइट एक्ट लाने की बात हो या पेसा कानून की बात हो। पेसा एक्ट लागू है। रमन सिंह 15 सालों में इसके नियम नहीं बना पाए। नियम बनाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। मैंने कहा है कि कैबिनेट की अगली बैठक में पेसा नियम पारित किया जाएगा।
भाजपा के आंदोलन को गलत बताया
मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा के लोगों ने अभी एक नियम के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। हमने बस इतना कहा है कि आप आंदोलन-प्रदर्शन जो भी करें बस शासन से अनुमति ले लें। ऐसा नहीं होने से प्रशासन को परेशानी होती है। कहीं भी कोई धरने पर बैठ जाएगा तो लॉ एंड ऑर्डर की समस्या आती है। जानकारी देकर अनुमति लेने में उन्हें तकलीफ क्या है। यही नियम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में है तो भाजपा नेताओं को वहां जाकर भी विरोध करना चाहिए। जब एक गलत है तो दूसरी जगह सही कैसे हो सकता है। भाजपा को तो महंगाई और रेल बंद होने के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए।

रमन को कांग्रेस के इतिहास की जानकारी नहीं
पूर्व सीएम रमन सिंह द्वारा कांग्रेस के चिंतन शिविर पर सवाल उठाने पर मुख्‍यमंत्री ने कहा, रमन सिंह को कांग्रेस के इतिहास के बारे में जानकारी नही है। वो अपनी चिंता करें। भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी आती हैं तो उनको पूछती नहीं है। इतना उपेक्षा क्यों है इसके बारे में पूछना चाहिए। राज्यसभा चुनाव में भाजपा द्वारा स्थानीय व्यक्ति को भेजे जाने की मांग करने पर मुख्यमंत्री ने कहा, वो कौन होते है तय करने वाले। वो अपने पार्टी को सलाह दे। ये कभी छत्तीसगढ़ के हित में नही बोलते। उन्‍हें प्रदेश की जनता के हित के बारे में आवाज उठाना चाहिए।

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