रायपुर : राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन और पुरस्कार वितरण में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए भूपेश बघेल ने देश के कोने-कोने से आए सहकारिता के स्तर पर काम करने वाले लोगों को पुरस्कार वितरण करते हुए मंच से कहा कि आज सहकारिता जो पूरे देश में बहुत कमजोर है और नेहरू जी की परिकल्पना के अनुसार देश में जो सहकारिता आंदोलन का प्रादुर्भाव हुआ था उसमें आज भी बहुत सी कमियां है उसे दूर करना चाहिए सहकारिता तभी सफल हो सकेगी जब हमारे अन्नदाता ऊर्जा दाता बनेंगे मैं अन्नदाता को ऊर्जा दाता इसलिए कह रहा हूं कि आज एफसीआई के गोदामों में जो अनाज भरा पड़ा हुआ है और भगवान ना करे यदि 3 साल तक पूरे देश में अकाल की स्थिति आती है तो अन्य दाताओं की मेहनत का फल प्रत्येक नागरिक को खाने के रूप में मिलेगा और आज गोडाउन में पड़े या अभी देश के लिए समस्या बन चुका है हमारी सरकार जब छत्तीसगढ़ में आई थी तो इसका निदान हमने भारत सरकार के पास भेजा था कि अनाज से एथेनॉल बनाने का काम देश में किया जाए जिससे विदेशी पूंजी जो हमारे देश की बाहर जाती है वह हमारे देश में रहेगी और पेट्रोलियम के विकल्प के रूप में एथेनॉल जो हमारा देश खुद मनाएगा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी और देश अपने कदमों में चल पाएगा लेकिन केंद्र सरकार अब तक अनुमति नहीं दे रही है।