रायपुर : सत्तापक्ष की विधायक छन्नी साहू मामले की गूंज विधानसभा में भी सुनाई दी। सदन में छन्नी साहू ने शून्यकाल शुरू होते ही कहा कि मैं सदन की सदस्य हूं। दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मेरे सम्मान की रक्षा नहीं हो सकती तो बाकी का क्या कहें? क्या सदन ये नहीं जानना चाहता कि बीते 3 महीने से मैं कौन सी लड़ाई और क्यों लड़ रही हूं? उन्होंने पूरे घटनाक्रम को सदन को बताते हुए पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मेरी राजनीतिक हत्या की जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मामले में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को निर्देश दिया कि पूरे मामले में पुन: जांच कराकर शुक्रवार को सदन उठने से पहले अवगत कराएं। साथ ही उन्होंने विधायक छन्नी साहू और प्रमोद शर्मा की सुरक्षा दोगुनी करने के आदेश दिए।
शून्यकाल के दौरान सदन में खुज्जी विधायक छन्नी साहू ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत से कहा, इस सदन के विधायक की रक्षा नहीं हो रही है। मेरे पति के खिलाफ झूठी शिकायत पर एट्रोसिटी एक्ट का मामला दर्ज किया गया है। मेरे द्वारा जब इस मामले शिकायत की गई तो तीन माह से जांच की नौटंकी पुलिस-प्रशासन कर रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की गृहमंत्री और विभिन्न माध्यमों से गुहार लगा चुकी हूं, लेकिन न्याय नहीं मिला। मेरी राजनीतिक हत्या करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश में वन विभाग, अवैध परिवहन, रेत खनन करने वाले अवैध वाहनों को छोड़ा जा रहा है। खनिज राॅयल्टी के मामले में झूठी कार्रवाई कर प्रशासन के भ्रष्ट अफसर 48 घंटे में वाहनों को छोड़ देते हैं। इधर महिला विधायक द्वारा पूरे साक्ष्य दिए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है। गृहमंत्री ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे? मामले में छजकां विधायक प्रमोद शर्मा ने कहा कि एक विशेष दल का विधायक होने के कारण सरकार का विरोध करने पर गैरजमानती धाराएं लगाकर एफआईआर की जाती है। हम क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होने के बाद भी सुरक्षित नहीं हैं।
विशेषाधिकार हनन का मामला
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सदन में सत्तापक्ष की महिला विधायक को प्रताड़ित किया जा रहा है। सरकार मदांत हो जाए और बदले की कार्रवाई करने लगे तो आसंदी का संरक्षण मिलना चाहिए। उनका क्षेत्र नक्सल प्रभावित है, उन्होंने सुरक्षा लौटा दी है। उन्हें सदन में आने से रोका जा रहा है तो विशेषाधिकार का मामला दर्ज किया जाए।
सदन में अफसरों को बुलाकर प्रताड़ित करें : रमन
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ सरकार में जो भी शराब और रेत माफिया का विरोध करेगा, उसका हश्र यही होगा। छत्तीसगढ़ में सरकार के खिलाफ जिंदाबाद-मुर्दाबाद करने निकल जाएं तो मामला दर्ज हो जाता है। छन्नी साहू के साथ जो हुआ, मैंने अपने अब तक के राजनीतिक जीवन में नहीं देखा। सदन के संरक्षक विधानसभा अध्यक्ष होते हैं। विधायक के साथ ऐसा व्यवहार करने वाले अफसरों को सदन के कठघरे में बुलाकर प्रताड़ित करना चाहिए।
अध्यक्ष से अनुमति के बाद विधायकों पर दर्ज हो जुर्म
विधानसभा में छन्नी साहू प्रकरण में सदन में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, माफिया लोगों के संरक्षण में महिला विधायक के साथ जो हुआ, ऐसा होगा तो सदस्यों का सम्मान नहीं बचेगा। सदस्यों का सम्मान नहीं होने पर कलेक्टर-एसपी को तत्काल हटाया जा सकता है। सदन में आने से रोकने वाले पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि विधायक पर जुर्म दर्ज होने के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की सहमति जरूरी की जाए। छजकां विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री कहा करते हैं कि कांग्रेस में ही संभव है, असहमति का सम्मान होता है। अब उनके ही विधायक की असहमति का सम्मान नहीं हो रहा है। एट्रोसिटी एक्ट का दुरुपयोग पुलिस-प्रशासन कर रहा है। एक विधायक काे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
विस अध्यक्ष नाराज, कहा- रिपोर्ट आने के बाद देंगे निर्णय
विधायक छन्नी साहू मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत बेहद नाराज हो गए। उन्होंने सरकार से दो टूक कहा कि विधायक छन्नी साहू को दोगुनी सुरक्षा मुहैया कराई जाए और 11 मार्च को पूरे मामले की रिपोर्ट दें। इसके बाद ही कोई व्यवस्था करेंगे। डॉ. महंत ने बलौदाबाजार विधायक प्रमोद शर्मा को भी सुरक्षा उपलब्ध कराने और उनके विरुद्ध दर्ज मामले को लेकर भी रिपोर्ट मांगी है।