रायपुर : छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग को लेकर जिलों में उठाव बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नान में जमा होने वाले चावल के लॉट जांच के बाद ही लेने को कहा गया है। अब तक केंद्रीय पूल में 19.64 लाख मीट्रिक टन चावल जमा कराए जा चुके हैं। इनमें भारतीय खाद्य निगम में 10.80 लाख मीट्रिक टन और नागरिक आपूर्ति निगम में 8.83 लाख मीट्रिक टन जमा चावल शामिल है। इधर कुछ जिलों में चावल के लॉट को गुणवत्तायुक्त नहीं मिलने पर लौटा दिया गया। धमतरी जिले से नागरिक आपूर्ति निगम में राइस मिलरों द्वारा जमा 10 हजार 440 क्विंटल चावल के सैंपल फेल हो गए। चावल की क्वालिटी मानक पर खरी नहीं उतरी। मिलरों को पुनः गुणवत्तायुक्त चावल जमा करना पड़ा।
वहीं मिलरों ने अब तक निर्धारित चावल नान में जमा नहीं किया है, ऐसे में चावल जमा करने का लक्ष्य अधूरा है। इस बार एफसीआई में भी अरवा चावल जमा लिया जा रहा है। बताया गया है कि उनके द्वारा जमा किए चावल के 36 लाॅट फेल हो गए। मिलरों द्वारा जमा किए चावल की क्वालिटी मानक पर खरी नहीं उतरा। ऐसे में मिलरों को चावल वापस कर दिया गया। बताया गया है कि प्रत्येक लाॅट में 290 क्विंटल चावल रहता है, इस तरह 10 हजार 440 क्विंटल चावल की क्वालिटी ठीक नहीं पाई गई थी। हर साल मिलरों द्वारा जमा होने वाले चावल के लाट में कुछ खामियां जरूर मिलती हैं, जिसे मिलर्स पुनः जमा करते हैं। रायगढ़ जिले में भी कई लाॅट फेल होने के जानकारी मिली है, यहां के मिलरों ने फिर से चावल जमा किए हैं।
75 लाख टन से अधिक का उठाव
खाद्य विभाग के अनुसार अब तक डीओ और टीओ के माध्यम से 75.20 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। 61 लाख 62 हजार मीट्रिक टन धान का डीओ जारी कर दिया गया है। उपार्जन केंद्रों से मिलर्स द्वारा 55 लाख 39 हजार मीट्रिक धान का उठाव कर लिया गया है। इसी प्रकार 24 लाख 5 हजार मीट्रिक टन धान के परिवहन के लिए टीओ जारी किया गया है। समितियों से 19 लाख 81 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव और कस्टम मिलिंग भी तेजी से हो रही है। इस साल केंद्रीय पूल में 61.65 लाख मीट्रिक टन अरवा चावल जमा कराना है।