रायपुर।नवा रायपुर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 27 दिन से धरना दे रहे ग्रामीणों को और किसानों की सरकार द्वारा गठित तीन मंत्रियों की कमेटी के साथ हुई बैठक में सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। किसानों ने कहा है कि उनकी सभी मांगें पूरी होने पर ही धरना समाप्त करेंगे।
सरकार के प्रवक्ता और कृषि मंत्री के निवास में हुई बैठक में मंत्री रविंद्र चौबे, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर और नरगीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया की मौजूदगी में किसानों की ओर से आए प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। बैठक में कुल आठ बिन्दुओं पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान जमीन के मुआवजा और पुपर्वास सहित कई मुद्दे शामिल थे। मंत्री रविंद्र चौबे ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि नया रायपुर के प्रदर्शन कारी किसानों के प्रतिनिधिमंडल से सकारात्मक चर्चा हुई है। उनकी सारी मांगे भाजपा सरकार के समय की है। उन्हें कांग्रेस की सरकार पर पूरा भरोसा जताया है। आने वाले समय में उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास होगा। किसानों के साथ चर्चा में जिन मांगों पर सहमति बनी। बैठक में एसीएस सुब्रत साहू और एनआरडीए के सीईओ एनएन एक्का भी शामिल हुए।
इन मांगों पर बनी सहमति
किसानों के प्रतिनिधिमंडल के प्रवक्ता गिरधर पटेल और ललित यादव ने बताया कि बैठक में जिन चार मांगों पर सहमति बनी उनमें सभी अर्जित भूमि पर वार्षिक राशि का भुगतान बिना कटौती के दिए जाने, 1200 वर्ग फीट का विकसित आवासीय भू-खंड 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के भूमिहीन वयस्कों को देने, ग्रामीण बसाहट का पट्टा व्रदान करने और सशक्त कमेटी की 12 वीं बैठक के निर्णय को धरातल पर उतारने की मांग की है।
इन मांगों पर नहीं बनी सहमति
किसान प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि उनकी पांच मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है इनमें वर्ष 2005 से स्वतंत्र भू-क्रय-विक्रय पर लगे प्रतिबंध को हटाने, भू-अर्जन कानून 1894 और कृरूाि अर्जन, पुनर्वास, एवं पुर्नव्यवस्थापनमें उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के तहत जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला उन्हें चार गुना मुआवजा देने की मांग। जिन किसानों का भूमि अर्जन अधिनियम के तहत किया गया उन्हें नि:शुल्क भूखंड आबंटित करने की मांग।