रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के संसद सदस्य (राज्यसभा) केटीएस तुलसी द्वारा ड्रग्स को ज़िन्दग़ी का ज़रूरत बताने और इसे शराब, गुटखा और तम्बाखू की तरह सेवन करने की इज़ाज़त दिए जाने की वक़ालत करने को दिमाग़ी असंतुलन और बौद्धिक दीवालिएपन की पराकाष्ठा बताया है। श्रीवास्तव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के शासनकाल में शराब को लेकर प्रलाप करने वाले कांग्रेस नेताओं ने गंगाजल की सौगंध खाकर भी पूर्ण शराबबंदी का वादा पूरा नहीं करके प्रदेश के मतदाताओं के साथ विश्वासघात किया है और दुर्भाग्य से छत्तीसगढ़ के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद सांसद तुलसी ने ड्रग्स के सेवन की वक़ालत करके छत्तीसगढ़ को शर्मसार किया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कहा कि जिन लोगों को छत्तीसगढ़ में नशे के गोरखधंधे से लोगों के जीवन में घर कर गई त्रासदी की अनुभूति तक नहीं है, जिनको छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के कारण किशोर और युवा पीढ़ी की तबाही का गुमान तक नहीं है, जो प्रदेश में शराब की तस्करी और प्रदेश सरकार की शराब की कोचियागिरी से बर्बाद होते परिवारों और जान गवाँते लोगों की पीड़ा का अनुमान तक नहीं है, ऐसे लोग ही शराब, गुटखा और तम्बाखू की तरह ड्रग्स के सेवन की ऐसी शर्मनाक वक़ालत कर सकते हैं और नशे के सौदागरों की हिमायत कर सकते हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व भी वैचारिक रूप से कितना दरिद्र हो गया है, यह तुलसी को राज्यसभा में भेजकर उसने साबित कर दिया है। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में जाने वाले तुलसी ने एक नामांकन दाख़िले के मौक़े को छोड़कर कभी छत्तीसगढ़ की धरती पर क़दम तक नहीं रखा, ऐसे लोगों की सोच छत्तीसगढ़ का सोच और संवेदनाओं क्या अनुभव करेगी? अपनी इस शर्मनाक दलीलों के लिए राज्यसभा सदस्य तुलसी को न केवल छत्तीसगढ़ से, बल्कि पूरे देश से नि:शर्त माफ़ी मांगनी चाहिए।