सिविल सर्जन अस्पताल के वार्डों में जड़ा ताला

Madhyapradesh

अरुण गुप्ता : सीधी : जिला चिकित्सालय में पदस्थ सैकड़ों की संख्या से ऊपर नियमित नर्सों का आंदोलन मंगलवार को शाम तक जारी रहा नर्स आंदोलन की अगुआ कर रही एसोसिएशन जिला अध्यक्ष वेदवती द्विवेदी अनुराधा पांडे जयललिता सिंह प्रिया सिंह करुणा गुप्ता सहित सैकड़ों की संख्या में नर्सो ने आंदोलन जारी रखा नियमित नर्सों ने कहा कि हमारा आंदोलन अपनी जायज मांगों को लेकर है लेकिन सरकार हमारी सुनवाई नहीं कर रही है सरकार ने हमारा पद नाम बदलकर जो लॉलीपॉप पकड़ाई है वह गलत है हमारी मांग है कि सरकार हमें कोरोना योद्धा मानकर हमें सेकंड गेट पे दे साथ ही वेतनमान की किस्त सैलरी के साथ दें तभी हमारा आंदोलन खत्म होगा

*मरीज परेशान, डॉक्टर हैरान, नर्स आंदोलन बना गले की फांस*

जिले भर में जारी नर्सों के आंदोलन से जिले भर में हाहाकार मचा हुआ है दरअसल जिला मुख्यालय पर पदस्थ 110 नर्सों के आंदोलन से डॉक्टर हैरान है क्योंकि इस समय सिर्फ 30 स्थाई नर्स ही वार्डों में काम कर रही है क्योंकि वह आंदोलन में शामिल नहीं है अगर नर्सों की हड़ताल आगे बढ़ती है तो गहरी समस्या आ सकती है।

*सीएमएचओ ने जारी किया नोटिस*

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल मिश्रा ने आंदोलन में गई नर्सों को नोटिस जारी किया है जारी नोटिस के अनुसार बताया गया कि स्टाफ नर्सेज एसोसिएशन द्वारा की जा रही हड़ताल को अवैधानिक घोषित किया गया है साथ ही निर्देशित किया गया है कि इस संबंध में नर्सेज एसोसिएशन को सूचित कर समस्त स्टाफ नर्सेज को अनिवार्य रूप से अपने कार्य पर उपस्थित होने हेतु निर्देशित करें इसके पश्चात कोई भी स्टाफ नर्स हड़ताल अथवा अवकाश पर जाती है या कार्य करने से इंकार करती है तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव संचालन को प्रेषित किया जाएगा पत्र में उल्लेख किया गया है कि उपरोक्त अनुसार अधीनस्थ समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत स्टाफ नर्सों को नोटिस के जरिए सूचित करते हुए निर्देशित किया जाता है कि अपने अपने कार्य स्थल पर उपस्थित होकर दायित्व निर्वहन करना सुनिश्चित करें उक्त आदेश की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।

*इधर हुई तालाबंदी*

सीधी के स्वास्थ्य में जंगलराज कायम है सिविल सर्जन की कुर्सी के लिए डॉ यस बी खरे एवं आईजी गुप्ता के द्वारा लड़ाई लड़ी जा रही है अगर यह लड़ाई मरीजों के उपचार हेतु लड़ी जाती तो शायद आज जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था अच्छी होती लेकिन मरीजों को उपचार हेतु किसी भी तरह की जिला चिकित्सालय में ध्यान नहीं दिया जा रहा है बल्कि अब मरीज भी भगवान भरोसे हो गए हैं। जिला चिकित्सालय में प्रशासन का डर किसी भी प्रकार का कर्मचारी में नहीं रह गया है बात करें स्वास्थ्य विभाग की उम्मीद थी कि सिविल सर्जन के बदलने से स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी लेकिन सिविल सर्जन डॉक्टर एसबी खरे को प्रभार मिलते ही एक बार फिर से जंगल राज कायम हो गया है, एक तरफ आज कुछ स्टाफ नर्स स्ट्राइक में है वहीं दूसरी तरफ तानाशाह सिविल सर्जन डॉक्टर एसबी खरे ने आईसीयू सीसीयू सहित कई वार्डों में ताला जड़ दिया है उल्लेखनीय है कि नर्सो के स्ट्राइक के दौरान 25 से 30 नर्स ड्यूटी पर तैनात है वही विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि सिविल सर्जन आईसीयू एसएनसीयू में इसलिए ताला मारने का बोला है कि आने वाले कोरोनावायरस संक्रमण की तैयारी कर रहा हूं हैरानी और शर्मनाक बात यह है कि वार्डों में भर्ती मरीजों को जबरदस्ती मेल तथा फीमेल वार्ड में शिफ्ट कर दिया है वहां भी मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं है जहां मरीजों में काफी आक्रोश है नाम नहीं छापने के साथ पर स्टाफ नर्स ने बताया कि सिविल सर्जन के द्वारा 4 दिन पहले से ही अन्य वार्डों को बंद करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था जहां हमारे द्वारा मरीजों के बढ़ते संख्या को लेकर वार्डो को खोला गया था. स्टाफ नर्स ने बताया कि 30 स्टाफ नर्स ड्यूटी पर तैनात है इसके बावजूद भी सिविल सर्जन खरे के द्वारा ताला बंद किया गया है।

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