लाकडाउन मे पटवारी करवादी विबादित जमीन की रजिस्ट्री… कलेक्टर को शिकायत कर कार्रवाई की की है मांग

Chhattisgarh Madhyapradesh

अरुण गुप्ता : सीधी : राजस्व विभाग का प्रकरण दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है इसका मुख्य कारण पटवारियों की लापरवाही का है वहीं कुछ पटवारी लालच में आकर रिश्वत के दम पर गलत रजिस्ट्री तक करवा देते हैं ऐसा ही मामला पूजा का हुआ है जहां विगत 6वर्ष से एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारी रमेश शाहू ने किया है। शिकायतकर्ता रामसुख जायसवाल निवासी विजयपुर के द्वारा शिकायती आवेदन देकर बताया गया की पटवारी रमेश शाहू पिछले छः साल से विजयपुर मे पदस्थ है जहां छुटपुटिया नेताओं के दम पर 6 साल से एक ही जगह पर काबिज है पीड़ित ने आरोप लगाया कि पटवारी रमेश साहू के द्वारा खसरा क्रमांक,58/1,58/2,58/3,57,56,55,54,53,52,59/१,59/2रकबा 11.68 एकड भूमि हमारे व 6पुत्रो ,आदेश जायसवाल,अयोध्या जायसवाल,बृजेन्द जायसवाल, बालेन्द्र जायसवाल,विनोद जायसवाल, नागेस्वर जायसवाल,के नाम थी जो कि सामिलात खाता था।हमारा जमीनी विबाद नन्दलाल जायसवाल रघुनाथ जायसवाल ,राम सुख जायसवाल, से अदालत चल रही थी और मामला जिला न्यायालय के बाद जबलपुर हाई कोर्ट मे भी चल रहा है।आवेदक गण द्वारा बठनवारे का भी आवेदन लगाया गया है।जिसकी पेशी भी चल रही थी लेकिन दिनांक 20अपैल2021को लाकडाउन मे हमारे जमीन के आंशिक भाग रकबा 1.75 एकड भाग की रजिस्ट्री अविषेक सिंह चौहान पिता रंजीत सिंह चौहान उम्र 35वर्ष निवासी विजयपुर ,पंकज मिश्रा पिता श्रवण कुमार मिश्रा निवासी विजयपुर को करवा दी गई।इस पूरे मामले की जानकारी किसी किसी को कानो -कान नही हुई।उपरोक्त मामले मे राजस्व के आला अधिकारियों का भी पटवारी रमेश शाहू को सरक्षण मिलता है जिसकी बजह से इस तरह के हालात बने है।

*गलत रजिस्ट्री करवा कर विवाद में गांव को झोंका*
पटवारी रमेश शाहू की पदस्थापना विगत छः वर्ष पहले हुई थी लेकिन आज दिनांक तक अस्थानान्तरण की अनयत्र नही हुआ यही कारण की ग्रामपंचायत के अधिकांश कास्तकारों की जमी मे कुछ न कुछ न कुछ छेडखानी की गई है पटवारी के क्रिया कलापो से पूरा ग्रामीण आम जन प्रभावित है।सुविधा शुल्क लेकर किसी का किसी मे दिखाना नक्से मे छेडख़ानी सहित पटवारी कम जमीन ब्रोकर का काम किया जा रहा है।कास्तकारों के छोटे से काम के लिए परेशान किया जाना आम तौर से फितरत मे सामिल है और कास्तकार दर-दर भटकने को मजबूर है।

*पटवारी के प्रति ग्रामीणों मे दहशत*

आमतौर से देखा जाय तो कास्तकार इस लिए दहशत मे है कि कब किसकी जमीन विबादित हो जाय कुछ कहा नही जा सकता है।कास्तकारों की माने तो पटवारी द्वारा किये गये कृत्यो को राजस्व अमला नजरअंदाज करता है और किसान अर्जी आवेदन लेकर अधिकारियों के चक्कर काटते रहती है और सुनवाई नही होती है विजयपुर के दर्जनो मामले विचाराधीन है।

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